ग्वालियर

500 करोड़ का एक्सपोर्ट रिकॉर्ड तोडऩे की तैयारी; युद्ध की आग में चमका ग्वालियर का ‘लाल सोना’

Gwalior- दुनिया में बारूद की गंध, पर सेंडस्टोन की धाक बरकरार

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Gwalior Sandstone Gears Up for Exports Exceeding ₹500 Crore

Gwalior- नरेंद्र कुइया, ग्वालियर. दुनिया के नक्शे पर ईरान और इजराइल के बीच मिसाइलें बरस रही हैं, लाल सागर में जहाजों पर हमले हो रहे हैं और ग्लोबल सप्लाई चेन की सांसें फूल रही हैं। युद्ध की इस विभीषिका के बीच तानसेन की नगरी ग्वालियर से एक ऐसी खबर आई है जो भारतीय अर्थव्यवस्था के हौसले की गवाही दे रही है। यहां का सेंडस्टोन (बलुआ पत्थर) उद्योग युद्ध की तपिश में झुलसने के बजाय और अधिक मजबूत होकर उभरा है। आलम यह है कि ग्वालियर का यह लाल सोना इस साल 500 करोड़ रुपए के पुराने एक्सपोर्ट रिकॉर्ड को ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पत्थर निर्यातकों ने मंदी की आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। जो एक्सपोर्ट कुछ महीने पहले तक महज 200 कंटेनर प्रतिमाह पर सुस्त पड़ा था, वह अब 1000 कंटेनर प्रति माह की स्पीड से 50 से अधिक देशों में जा रहा है।

चार कारण: युद्ध के बीच भी बनाया 'विजेता'

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  1. ऊर्जा का संकट नहीं : दुनिया में कमर्शियल गैस की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे कई उद्योग बंद हो गए। लेकिन सेंडस्टोन उद्योग मशीनों और पानी पर निर्भर है, इसलिए उत्पादन लागत पर युद्ध का असर जीरो रहा।
  2. सरकार का 'सुरक्षा कवच': मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाहा के प्रयासों से सेंडस्टोन को 'एक जिला-एक उत्पाद में शामिल करने का फायदा मिला है। कुलैथ की बंद खदानों के फिर से शुरू होने से कच्चे माल की किल्लत नहीं।
  3. जयपुर एक्सपो का असर: फरवरी में जयपुर के इंटरनेशनल एक्सपो में ग्वालियर की इकाइयों ने जो मार्केटिंग की थी, उसके ऑर्डर्स अब जमीन पर उतर रहे हैं। विदेशी ग्राहकों ने टाइल्स के बजाय ग्वालियर के मजबूत सेंडस्टोन पर भरोसा जताया है।
  4. वैश्विक मांग: यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, कनाडा और न्यूजीलैंड जैसे देशों में ग्वालियर के पत्थर की मांग में 30 प्रतिशत का उछाल आया है।

एक्सपर्ट व्यू- सत्यप्रकाश शुक्ला अध्यक्ष स्टोन पार्क ग्वालियर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन

युद्ध के वैश्विक हालातों के बावजूद सेंडस्टोन एक्सपोर्ट पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं है। भाड़ा सामान्य है और डिमांड लगातार बढ़ रही है। हमें पूरा विश्वास है कि इस बार हम 500 करोड़ के पुराने एक्सपोर्ट रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर एक नया इतिहास रचेंगे। राजस्थान और दिल्ली के बड़े कारोबारी भी ग्वालियर से ही पत्थर की डिमांड कर रहे हैं।

प्रमुख बिंदु
यूरोप से लेकर खाड़ी देशों तक छाई ग्वालियर की नक्काशी

जयपुर एक्सपो के ऑर्डर्स से खदानों में मशीनों का बढ़ा शोर

500 करोड़ रुपए के पुराने एक्सपोर्ट रिकॉर्ड को ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह तैयार

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Updated on:
10 Apr 2026 10:36 am
Published on:
10 Apr 2026 10:35 am
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