
Gwalior Sheetla Mata Temple Accident Update: मध्य प्रदेश के ग्वालियर के प्राचीन शीतला माता मंदिर में हुए हादसे में अब तक एक दर्जन से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान चली जाने की पुष्टि की गई है। नवरात्र की सप्तमी पर शीतला माता के दर्शन करने पहुंचे भक्तों के लिए शनिवार-रविवार की दरमियानी रात काल बनकर आई। मिली जानकारी के अनुसार, हादसे में 40 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए है जिनका उपचार जय आरोग्य अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि हादसे में कई दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जांच के निर्देश दिए है। वहीं, स्थानीय लोगों और पीड़ितों के परिवारों के द्वारा मुआवजा, घायलों के फ्री इलाज और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी सरकार से की गई है।
मामले की जानकारी देते हुए एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि हमने देखा कि कई श्रद्धालु ट्रक की चपेट में आ गए थे। लोग अपनों को ढूंढ रहे थे। स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि हादसा ग्वालियर प्रशासन की लापरवाही की वजह से हुआ है। शीतला माता मंदिर में ऐसी घटना होना बहुत बड़ी चूक है। उन्होंने कहा कि जिस मंदिर में नारियल तक नहीं फोड़ा जाता, ना नींबू काटा जाता है, वहां ऐसा हादसा दुखद हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों ने मध्य प्रदेश सरकार और सीएम डॉ. मोहन यादव को घटनस्थल का दौरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि सीएम हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों और घायलों से मुलाकात करें। उन्होंने यह भी मांग की कि मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर मांगे पूरी नहीं तो वह भूख हड़ताल में बैठ जाएंगे।
हादसे में प्रभावित एक दूकानदार ने बताया कि यहां उनकी एक दुकान हुआ करती थी जिसमे उनके पिता सहित दो रिश्तेदार और एक व्यक्ति बैठा करते थे यह चारों लोग घायल है और उनका उपचार चल रहा है। दुकानदार ने बताया कि ऊपर ढलान की तरफ से ट्रक नीचे करीब 150 से 200 किलोमीटर/प्रति घंटा की रफ्तार से नीचे आया था। स्थानीय लोगों का मानना है कि ट्रक का ब्रेक फैल हो गया था। हालांकि, पुलिस ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। दुकानदार ने आगे भावुक होकर बताया कि ट्रक ने हमारी दुकानों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। हमारी दुकान के बगल में दो-तीन और भी दुकानें थी। वे पूरी तरह से खत्म हो गई हैं। हमारी दुकान भी पूरी तरह से खत्म हो गई है, अब वो है ही नहीं।