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तीन हजार से ज्यादा ऑटो में ढोए जा रहे मासूम, 4 साल में केवल 106 पर जुर्माना

शहर की सड़कों पर स्कूली बच्चों की जान को जोखिम में डालकर फर्राटा भर रहे ऑटो-रिक्शाओं पर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर में 3 हजार से अधिक ऑटो बिना रोक-टोक क्षमता से दोगुने-तिगुने स्कूल बच्चे भरकर दौड़ रहे हैं, लेकिन परिवहन सुरक्षा स्क्वॉड 4 साल (2023 से 2026) में महज 106 ऑटो पर ही कार्रवाई कर सका।
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ओवरलोडिंग

ओवरलोडिंग

ग्वालियर. शहर की सड़कों पर स्कूली बच्चों की जान को जोखिम में डालकर फर्राटा भर रहे ऑटो-रिक्शाओं पर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर में 3 हजार से अधिक ऑटो बिना रोक-टोक क्षमता से दोगुने-तिगुने स्कूल बच्चे भरकर दौड़ रहे हैं, लेकिन परिवहन सुरक्षा स्क्वॉड 4 साल (2023 से 2026) में महज 106 ऑटो पर ही कार्रवाई कर सका। हैरानी की बात यह है कि इन कार्यवाहियों में भी ओवरलोडिंग और फट्टे हटाने के बजाय केवल एचएसआरपी (नंबर प्लेट), फिटनेस, बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी औपचारिकताओं तक ही जुर्माना सीमित रहा। ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग का आंकड़ों को हाईकोर्ट में जो आंकड़े पेश किए हैं, उन्हें कोर्ट ने आईवॉश माना है। आंकड़े हकीकत से मेल नहीं खा रहे हैं। अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर व आरटीओ को ऑटोरिक्शा पर हाईकोर्ट में अपना जवाब देना है।

न फट्टे हटे, न ओवरलोडिंग रुकी; दूसरी बार दायर हुई अवमानना याचिका
याचिकाकर्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने कोर्ट को बताया, वर्ष 2012 में हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर आदेश दिया था कि ऑटो में क्षमता से अधिक स्कूली बच्चे नहीं बैठेंगे और सीटों के बीच लगाए फट्टे तुरंत हटाए जाएंगे। इसके बावजूद न आरटीओ ने सुध ली और न ही ट्रैफिक पुलिस ने। शैक्षणिक वाहनों के नियंत्रण एवं विनियमन की योजना - 2019 लागू विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन के लिए शैक्षणिक वाहनों के नियंत्रण एवं विनियमन की योजना - 2019 लागू की है। वाहनों में बच्चों की अधिकतम संख्या तय करना है। सुरक्षा ग्रिल लगाना अनिवार्य करना। वाहनों में सत्यापित ट्रेकिंग डिवाइस सुनिश्चित करना। योजना के इन ङ्क्षबदुओं पर गौर नहीं किया गया है।

4 साल का कार्रवाई का लेखा जोखा
-वर्ष 2023: केवल 23 ऑटो पर कार्रवाई, 63,700 रुपए शुल्क वसूला गया। बीमा,फिटनेस, नंबर प्लेट पर जुर्माना किया गया है।
-वर्ष 2024: पूरे साल में महज 9 ऑटो पर चालानी कार्रवाई, कुल वसूली 18,000 रुपए।
-वर्ष 2025: 47 ऑटो पकड़े गए, जिनसे 31,500 रुपए जुर्माना वसूला; इनमें से ज्यादातर चालान सिर्फ 500-500 रुपए की नंबर प्लेट (हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट) के थे।
-वर्ष 2026: अब तक 25 ऑटो पर फिटनेस, बीमा व परमिट संबंधी कार्रवाई दर्शायी गई। जिसमें 19 ऑटो से परिवहन विभाग ने 45500 रुपए का जुर्माना वसूला। ट्रैफिक 6 ऑटो वालों से 30 हजार 500 रुपए का जुर्माना वसूल किया गया।

8 ऑटो पर 34,900 रुपए जुर्माना, 10 जब्त, परमिट-फिटनेस व बीमा की भी अनदेखी
स्कूली वाहनों की सुरक्षा का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचने के बाद क्षेत्रीय परिवहन विभाग (आरटीओ) सड़क पर उतरा तो बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी नियमों की अनदेखी सामने आई। स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने में लगे कई ऑटो क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर चलते मिले। कुछ के पास परमिट नहीं था, तो कुछ ऑटो बिना वैध फिटनेस और बीमा के संचालित हो रहे थे। कार्रवाई के दौरान आरटीओ की टीम ने आठ ऑटो पर जुर्माना लगाया और 10 ऑटो जब्त किए। विभाग ने मुरार स्थित कालपी ब्रिज पर कार्रवाई की। स्कूली बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाने के लिए ऑटो का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इन वाहनों में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा था। बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। वहीं, परमिट, फिटनेस और बीमा जैसे जरूरी दस्तावेजों के बिना वाहन चलना भी नियमों के पालन पर सवाल उठाता है।

ओवरलोड वाहन पर 31 हजार का जुर्माना
क्षेत्रीय परिवहन विभाग ने सिरोल टोल प्लाजा पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान राजस्थान के वाहन को ओवरलोड संचालित होते पाया गया। परिवहन विभाग की टीम ने वाहन के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए 31 हजार रुपए का शमन शुल्क वसूला।


कार्रवाई जारी रहेगी
आरटीओ की टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले आठ ऑटो के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 34 हजार 900 रुपए का जुर्माना वसूला। इसके अलावा 10 ऑटो को जब्त किया गया। आरटीओ का कहना है कि नियमा विरुद्ध चल रहे ऑटो के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।