
ग्वालियर. सडक़ों पर घूम रहे बेसहारा मवेशियों के कारण रात में होने वाले सडक़ हादसों को रोकने के लिए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अनूठा फैसला दिया है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सडक़ों पर विचरण कर रहे लगभग 10,000 गोवंश व अन्य मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट (रेडियम बैंड) बांधने के निर्देश दिए हैं, ताकि रात के अंधेरे में वाहन चालकों को सडक़ पर मवेशियों की मौजूदगी का पहले ही पता चल सके।
रेडियम बैंड याचिकाकर्ता पहनाएंगे। रेडियम बेल्ट के बिल व हर गाय का फोटो न्यायालय में पेश करना होगा। उसके बाद 21 अक्टूबर को याचिका की सुनवाई होगी। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बेंच के समक्ष याचिकाकर्ता अंकित वशिष्ठ की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता चंद्र प्रकाश शर्मा ने तर्क दिया कि शहर और आसपास की सडक़ों पर लगभग 10 हजार मवेशी घूम रहे हैं। उन्होंने कोर्ट में यह वचन (अंडरटेकिंग) दिया कि याचिकाकर्ता खुद इन सभी मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट बांधने का कार्य करेगा। इसके लिए याचिकाकर्ता की ओर से एक सप्ताह का समय मांगा गया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के इस वचन को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर तय की है। साथ ही अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता को अगली पेशी पर केवल रेडियम बेल्ट खरीद की रसीदें ही नहीं, बल्कि हर एक उस मवेशी की तस्वीर (फोटोग्राफ) भी कोर्ट में प्रस्तुत करनी होगी, जिसके गले में बेल्ट बांधी गई है। यह प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन बेजुबान मवेशियों की जान बचाने के लिए वास्तविक समाज सेवा की गई है, जो अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने के लिए किसी के पास नहीं जा सकते।