
KYC
ग्वालियर. बैंक, सिम, बीमा, म्यूचुअल फंड और सरकारी सेवाओं में केवायसी जरूरी है। लेकिन एक बार पहचान साबित करने के बाद भी ग्राहक को अलग-अलग सेवाओं के लिए बार-बार दस्तावेज देने पड़ते हैं। पता या मोबाइल नंबर बदलने पर फिर सत्यापन कराना पड़ता है। ग्वालियर समेत प्रदेश में लोग इसी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। एक अक्षर की गलती, काम अटका: आधार में नाम और बैंक खाते में नाम अलग होने, पिता के नाम या पते में अंतर होने पर केवायसी अटक जाती है। पुराने मोबाइल नंबर के कारण भी ग्राहक को अपडेट कराने के लिए शाखा के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
कहां-कहां चाहिए केवायसी
बैंक खाता, री-केवायसी, ऋण, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल सिम, बीमा, म्यूचुअल फंड और निवेश सेवाओं में केवायसी की जरूरत होती है। पेंशन व कुछ सरकारी लाभों के लिए भी पहचान सत्यापन जरूरी है।
बुजुर्गों के लिए डिजिटल परीक्षा…
डिजिटल केवायसी से प्रक्रिया आसान हुई है, लेकिन बुजुर्ग और ग्रामीण ग्राहक अब भी परेशान होते हैं। कभी ओटीपी नहीं आता, कभी बायोमेट्रिक सत्यापन अटकता है तो कभी अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाते हैं।
14 अंकों का सी-केवायसी नंबर
बार-बार दस्तावेज देने की परेशानी कम करने के लिए सेंट्रल केवायसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री (सी-केवायसीआर) व्यवस्था है। इसमें ग्राहक की केवायसी जानकारी दर्ज होती है और 14 अंकों का सी-केवायसी नंबर मिलता है। वित्तीय संस्थान जरूरत के अनुसार इस रिकॉर्ड से सत्यापित जानकारी ले सकते हैं।
केवायसी के नाम पर ठगी से सावधान…
'केवायसी अपडेट नहीं हुआ, खाता बंद हो जाएगा' जैसे संदेश साइबर ठगी का तरीका बन चुके हैं। अनजान लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी और यूपीआई पिन साझा करने से बचें। केवायसी संबंधित बैंक या संस्था के आधिकारिक माध्यम से ही कराएं।
एक्सपर्ट व्यू
बैंक में खाता खोलने से लेकर कई वित्तीय सेवाओं में केवायसी जरूरी है। खाता बंद होने के बाद भी केवायसी अपडेट कराना पड़ सकता है। अब ग्राहकों को 14 अंकों का सी-केवायसी नंबर भी दिया जा रहा है।
अमिता शर्मा, लीड बैंक मैनेजर, ग्वालियर
Updated on:
02 Oct 2026 06:08 pm
Published on:
02 Oct 2026 06:08 pm
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