
ग्वालियर.
प्रदेश में भले ही हिन्दी को बढ़ावा दिया जा रहा हो। मेडिकल की किताबें भी हिन्दी में पढ़ाई जा रही हों, लेकिन सत्यता यह है कि मल्टी नेशनल कम्पनीज में आज भी इंग्लिश की डिमांड है। प्रोफेशनल कोर्स करके जब स्टूडेंट एमएलसी में जॉब के लिए अप्लाई करता है, तो इंग्लिश में कम्युनिकेशनल मस्ट होता है। क्योंकि एमएलसी के अधिकतर क्लाइंट फॉरेन कंट्रीज के होते हैं, जिन्हें इंग्लिश में ही कन्वेंस करना होता है। कंपनीज की डिमांड को देखते हुए आइटीएम यूनिवर्स ने सराहनीय पहल की है। उन्होंने अपने यहां कैम्ब्रिज लिंग्वा स्किल परीक्षा केन्द्र स्थापित किया है, जिसमें 15 साल से अधिक उम्र के छात्र को इंग्लिश स्किल के रूप में सिखाई जाएगी। इसके लिए सोमवार को आइटीएम यूनिवर्सिटी के सिथौली कैंपस में लिंग्वास्किल लॉन्च सेरेमनी हुई, जिसमें आइटीएम यूनिवर्स और कैम्ब्रिज के बीच एमओयू हस्ताक्षरित हुआ।
प्रदेश के शैक्षणिक संस्थान के स्टूडेंट्स भी कर सकेंगे कोर्स
कैम्ब्रिज के साउथ एशिया रीजनल डायरेक्टर टीके अरुणाचलम ने कहा कि हमने इस कोर्स के अंतर्गत छह लेवल रखे हैं, जिसमें इंग्लिश स्पीकिंग, राइटिंग, लिसनिंग स्किल सिखाई जाएंगी। एक लेवल 40 घंटे का होगा। यह उनके ओवरऑल डवलपमेंट के लिए होगा। आइटीएम ग्वालियर की डायरेक्टर डॉ. मीनाक्षी मजूमदार ने बताया कि इसमें प्रदेश के स्कूल एवं कॉलेज भी पार्टिसिपेट कर सकेंगे। कैंब्रिज के नॉर्थ इंडिया बिजनेस डवलपमेंट मैनेजर विकास भारती, आइटीएम के डीन अकेडमिक डॉ. एसएस चौहान, लिंग्वास्किल कोर्स की को-ऑर्डिनेटर डॉ. मेघा लहाने, डिप्टी रजिस्ट्रार अनिल माथुर उपस्थित रहे।
प्रोफेशनल्स भी ले सकते हैं भाग
इस कोर्स की विशेषता यह है कि इसे स्कूल स्टूडेंट, कॉलेज स्टूडेंट, शिक्षक, प्रोफेशनल्स अपनी इंग्लिश इम्प्रूव करने के लिए सीख सकते हैं। सभी की सुविधा को देखते हुए इसके अलग बैचेज बनाए जाएंगे।