4 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Gwalior news: CNG कारों का बढ़ा क्रेज, जून-जुलाई में 50% से ज्यादा खरीदारों की पहली पसंद

CNG car: अप्रैल से जुलाई 2026 तक नई कारों में सीएनजी की हिस्सेदारी 48.04% रही, जून-जुलाई में 50% से अधिक खरीदारों ने सीएनजी मॉडल चुना। ग्राहक अब कम ईंधन खर्च और बेहतर माइलेज को प्राथमिकता दे रहे हैं।
2 min read
Google source verification
CNG car: बदल रही कार खरीदारों की पसंद (Photo Source - Patrika)

CNG car: बदल रही कार खरीदारों की पसंद (Photo Source - Patrika)

Gwalior news:एमपी के ग्वालियर शहर के ऑटो बाजार में बड़ा बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। कभी कार खरीदते समय डिजाइन, ब्रांड और फीचर्स प्राथमिकता हुआ करते थे, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल है-एक किलो सीएनजी या एक लीटर ईंधन में कितनी दूरी तय होगी। यही वजह है कि ग्वालियर में अब हर दूसरी नई कार सीएनजी से लैस है।

ग्वालियर आरटीओ के अप्रेल से जुलाई 2026 तक के पंजीयन आंकड़ों के मुताबिक चार महीनों में 4,817 नई कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ। इनमें 2,314 कारें सीएनजी थीं। यानी कुल बिक्री में सीएनजी की हिस्सेदारी 48.04 प्रतिशत रही। जून में यह आंकड़ा पहली बार 50 प्रतिशत के पार पहुंचकर 50.9 फीसदी हो गया, जबकि जुलाई में भी 50.5 फीसदी खरीदारों ने सीएनजी मॉडल को ही चुना।

चार महीने में बदली तस्वीर

अप्रेल में सीएनजी कारों की हिस्सेदारी 42.4 प्रतिशत थी। मई में यह बढ़कर 49.4 प्रतिशत पहुंची। जून में आधे से ज्यादा खरीदारों ने सीएनजी को चुना और जुलाई में भी यही रुझान बरकरार रहा। लगातार बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि अब ग्राहक कम ईंधन खर्च और बेहतर माइलेज को सबसे ज्यादा महत्व दे रहे हैं।

सीएनजी विकल्प देने वालों को मिला फायदा

पंजीयन के आंकड़ों में एक वाहन निर्माता का दबदबा भी साफ नजर आया। अकेले उसी कंपनी ने 2,228 कारों का पंजीयन कराया और उसकी बिक्री में सीएनजी मॉडल्स की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। दूसरी ओर कई कंपनियां अच्छी बिक्री के बावजूद सीएनजी सेगमेंट में पीछे रहीं। इससे साफ है कि जिन कंपनियों ने ग्राहकों को किफायती ईंधन का विकल्प दिया, उन्हें बाजार में सीधा लाभ मिला। ऑटो बाजार के जानकारों का कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतें, रोजाना लंबी दूरी का सफर और मासिक खर्च कम रखने की सोच ने ग्राहकों की प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल दी हैं। अब कार खरीदते समय माइलेज सबसे बड़ा निर्णायक बन गया है।

1.30 लाख किलो सीएनजी रोजाना की खपत

अवंतिका गैस लिमिटेड ग्वालियर के ऑफिस इंचार्ज अंकेश गर्ग के अनुसार सीनजी की खपत लगातार बढ़ रही है। 29 जुलाई के आंकड़ों के मुताबिक शहर के 40 पंपों पर रोजाना की ये खपत 1.30 लाख पर जा पहुंची है। सीएनजी के दाम 97 रुपए प्रति किलो है और इसकी बढ़ती हुई मांग को देखते हुए अगले साल मार्च तक 5 नए पंप खोले जाने की योजना है।

एक नजर में आंकड़े (अप्रेल-जुलाई)

कुल नई कारों का पंजीयन: 4,817, सीएनजी कारों का पंजीयन : 2,314
कुल सीएनजी हिस्सेदारी : 48.04 फीसदी
जून में सीएनजी की सबसे अधिक हिस्सेदारी: 50.9 फीसदी
जुलाई में भी आधे से ज्यादा खरीदारों ने सीएनजी को चुना।

लगातार बढ़ रही मांग

पिछले कुछ महीनों में ग्राहकों की सोच तेजी से बदली है। पहले लोग फीचर्स और लुक्स पर ज्यादा ध्यान देते थे, लेकिन अब सबसे पहला सवाल माइलेज और ईंधन खर्च को लेकर होता है। जिन कंपनियों के पास अच्छे सीएनजी विकल्प हैं, उनकी मांग लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में भी सीएनजी कारों का बाजार और मजबूत होने की पूरी संभावना है। - ऋषभ समाधिया, ऑटोमोबाइल कारोबारी