ग्वालियर

भाजपा की हार पर बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया, मुझे प्रचार के लिए नहीं बोला

Jyotiraditya Scindia: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर के चार दिवसीय दौरे पर हैं, इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश उपचुनाव में भाजपा की हार पर चिंतन करने की बात कही है...

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ग्वालियर के दौरे पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का स्वागत करते भाजपा नेता और कार्यकर्ता.

Jyotiraditya Scindia Gwalior visit: विजयपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, हार पर चिंतन करना होगा, ये चिंता की बात है। हार जरूर गए लेकिन, मतों में बढ़ोत्तरी हुई है। यदि मुझे प्रचार के लिए भेजा जाता तो मैं जरूर जाता।

शुक्रवार देर रात ग्वालियर आए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, महाराष्ट्र में मिली ऐतिहासिक जीत ने विश्वास का परचम लहराया है। महाराष्ट्र की जनता ने तो विश्वास भाजपा पर जताया है, उस हम पूरी तरह से खरे उतरेंगे। उन्होंने कहा, कभी 288 सीटों में 80 फीसदी सीटें किसी गठबंधन को नहीं मिली हैं, जो महायुति गठबंधन को मिली हैं।

महाराष्ट्र हार पर विपक्ष सवालों पर सिंधिया का करारा जवाब


महाराष्ट्र हार पर विपक्ष ने ईवीएम पर उठाए सवाल पर सिंधिया ने कहा, जीतो तो ठीक, न जीतो किसी और के सिर पर मटका फोड़ो, ये आखिर कब तक चलता रहेगा। जो लोग अपने आप को पहचानना नहीं चाहते हैं, जो लोग अपनी खामियों को देखना नहीं चाहते, उनकी कौन मदद करना चाहेगा।


पीएम मोदी और रेल मंत्री को दी बधाई

पिपरई और चंदेरी में रेल लाइन के सर्वे पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, यह बहुत बड़ी मांग थी। प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को बधाई देता हूं कि उन्होंने सर्वे की स्वीकृति दी। सर्वे के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा उस पर हम काम करेंगे।


संसद नहीं चलने देना प्रजातंत्र को नष्ट करना है


विपक्ष संसद को नहीं चलने देने पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कहा, ये प्रजातंत्र को नष्ट करना चाहते हैं। जिनकी सोच स्वयं सकारात्मक न हो, उनके क्या अपेक्षा की जा सकती है। एक तरफ प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार देश को आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने बताया कि अभी यूरोप दौरे से आ रहा हूं, यहां जर्मनी और यूरोप के लोग प्रधानमंत्री के नेतृत्व की प्रशंसा कर रहे हैं। लेकिन प्रजातंत्र के मंदिर को भंग करने में विपक्ष पूरी तरह से लगा है, लेकिन उसमें भी एकता नहीं है। उसमें भी कई दल हैं जो चाहते है कि संसद चले, लेकिन एक दल की हट है। इस हट को जनता ने एक बार नहीं तीन बार जवाब दे दिया है।

Updated on:
30 Nov 2024 01:32 pm
Published on:
30 Nov 2024 09:02 am
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