Jyotiraditya Scindia: केन्द्रीय मंत्री और सिंधिया राजघराने के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को गोरखी स्थित देवघर में कुलदेवता का पूजन किया...इस दौरान पुत्र महान आर्यमन भी पिता के साथ नजर आए...
Jyotiraditya Scindia With Son Mahan Aryamon Scindia: शहर में असत्य पर सत्य की जीत के पर्व के रूप में विजयादशमी का पर्व शौर्य और सद्भाव के साथ शनिवार को मनाया गया। घरों में सुबह से ही वाहनों की साफ-सफाई और धुलाई प्रारंभ हो गई। इस मौके पर मशीनों सहित शस्त्रों का भी पूजन किया गया। फूलों और वंदनवारों से सजे बाजार में भी खरीदारों से रौनक रही। इस दौरान सिंधिया राजघराने में शाही परम्परा के साथ अस्त्र-शस्त्र पूजन किया गया।
केन्द्रीय मंत्री (Union Minister) व सिंधिया राजघराने के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया(Jyotiraditya Scindia) ने शनिवार को गोरखी स्थित देवघर पहुंचकर कुलदेवता का पूजन किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने पुत्र महान आर्यमन सिंधिया (Mahan Aryaman Scindia) के साथ शाही पारम्परिक लिबास में देवस्थान पहुंचे और यहां शस्त्र पूजन कर विजया दशमी का पूजन किया।
यहां सिंधिया परिवार के राज पुरोहितों ने उन्हें विधि-विधान के साथ पूजन कराया। इसके साथ ही उन्होंने मांडरे की माता का पूजन भी किया।
क्षत्रिय महासभा ने शहर भर में चल समारोह निकाले। शाम को निकले चल समारोह के बाद शहर की पॉश कॉलोनियों सहित गली-मोहल्लों में सामूहिक रूप से रावण का दहन कर बुराई के खात्मे का संकल्प लिया गया। फूलबाग मैदान में रात 10 बजे 65 फीट के रावण, 55 फीट के कुंभकरण और 50 फीट मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। सिर्फ दो मिनट में ही तीनों पुतले जल गए और उसके बाद सुरक्षा दृष्टि के चलते नगर निगम की फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने तुरंत जलते हुए पुतलों को पानी से बुझा दिया।
पुतलों के दहन से पहले और बाद में जमकर जय श्री राम के जयकारे लगे। वहीं पुतला दहन के दौरान हर कोई अपने मोबाइल से इस शूट करता दिखाई दिया। इस मौके पर जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी, सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश नई दिल्ली उपस्थित रहे। शहर में इस बार करीब 5000 से अधिक छोटे-बड़े रावण के पुतलों का दहन हुआ।
रामलीला समारोह समिति के तत्वावधान में दशहरा चल समारोह अचलेश्वर मंदिर से प्रारंभ हुआ। चल समारोह में बैंड-बाजे, घोड़े, ढोल-तासे, शहनाई सबसे आगे चल रहे थे। चल समारोह नया बाजार, लोहिया बाजार, दौलतगंज, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, फालका बाजार होते हुए फूलबाग मैदान पर पहुंचा। चल समारोह में पूजा रथ, श्रीराम-रावण युद्ध , अशोक वाटिका की झांकियां चल रही थीं। चल समारोह का जगह-जगह सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं ने स्वागत किया और भगवान श्रीराम का पूजन भी किया।
गंगादास की बड़ी शाला में महंत रामसेवक दास ने देव पूजन, गुरू गद््दी पूजन के उपरांत सदियों पुराने शस्त्रों बरछी, कृपाण, कटारी तलवार, चिमटे का पूजन किया। जयकारों के बीच ऐतिहासिक तोप का पूजन कर तोप चलाकर शाही निशानों को सलामी दी गई।
-चेतना मंच, शताब्दीपुरम स्थित दशहरा मैदान में रात 8.30 बजे 65 फीट के रावण के पुतले के साथ कुंभकरण और मेघनाद के पुतले।
- नव दुर्गा सेवा समिति दीनदयाल नगर में रात 9.30 बजे 65 फीट के रावण का पुतला।
-जीवाजी क्लब में रात 9.30 बजे 40 फीट के रावण और 35-35 फीट के कुंभकरण और मेघनाद के पुतले।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ग्वालियर एवं चंबल संभागीय इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में दशहरा मिलन समारोह एवं सामूहिक शमी पूजन, शस्त्र पूजन का आयोजन महाराणा प्रताप भवन के सामने, महाराणा प्रताप पार्क कुंज विहार कॉलोनी शताब्दीपुरम फेज-2 पर किया गया। इस अवसर पर युवा क्षत्रिय महासभा की ओर से वाहन रैली महाराजा मान सिंह की प्रतिमा स्थल से महाराणा प्रताप भवन तक निकाली गई।
रैली में केशरिया साफा बांधे युवा भगवा ध्वज ले कर जय श्रीराम के उद्घोष के साथ निकले। मुख्य अतिथि बिहार से पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह थे। कार्यक्रम में नारी सशक्तिकरण का विषय छाया रहा। संचालन ललित सिंह तोमर ने किया।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से ग्वालियर दुर्ग द्वार से भगवान श्रीराम का पूजन कर विजय रथ के साथ चल समारोह निकाला गया। ये वाहन रैली किला गेट, हजीरा, पाताली हनुमान, पड़ाव, स्टेशन बजरिया, थाटीपुर, बारादरी, 7 नंबर चौराहा, गोला का मंदिर होते हुए दंदरौआ धाम पर संपन्न हुई।
यहां शमी के साथ शस्त्र पूजन किया गया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें पूर्व सांसद जयभान सिंह पवैया और पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा एकसाथ मौजूद रहे। इस मौके पर 21 फीट के रावण का नशाखोरी, अशिक्षा, मिलावट को दूर करने के लिए पुतला दहन किया गया।
वैश्य महासम्मेलन ग्वालियर संभाग की ओर से दशहरा मिलन एवं शस्त्र पूजन सनातन धर्म मंदिर में शमी वृक्ष की पूजा के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर समाज में मानवता की रक्षा के लिए वैश्य समाज के हर घटक के प्रतिनिधियों ने संगठित होकर संकल्प लिया।
वहीं गुर्जर क्षत्रिय समाज की ओर से हुरावली स्थित हनुमान मंदिर पर दशहरा मिलन समारोह में शस्त्र पूजन के साथ भगवान श्रीराम की आरती की गई।