ग्वालियर

ग्वालियर में तेजी से फैल रहा लंपी वायरस, अब तक 50 गायों की मौत, 24 घंटे वैक्सीनेशन शुरु

Lumpy Virus Gwalior : विभाग के पास और वैक्सीन आ गई हैं। टीकाकरण को और बढ़ाने के लिए रणनीति में बदलाव किया है। सभी टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि, वे अपने क्षेत्रों में ऐसी जगह तलाशें, जहां रात में अधिक गाय इकट्ठी होती हैं। ऐसे स्थानों पर वैक्सीनेशन करना आसान होगा।
2 min read
Lumpy Virus Gwalior
ग्वालियर में लगातार फैल रहा लंपी वायरस (फोटो सोर्स: Patrika File)

Gwalior News :मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के साथ - साथ जिलेभर में लंपी वायरस गोवंश में तेजी से फैल रहा है। हालात को मद्देनजर रखते हुए अपने स्वास्थ्य विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर गोवंश का टीकाकरण अभियान चला रहा है। संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए अब विभागीय टीम अलग - अलग प्रयास भी कर रही है। हालांकि, संक्रमण की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में अब विभाग ने निराश्रित गोवंश के टीकाकरण की रणनीति में बड़ा बदलाव किया है।

ताजा अपडेट के अनुसार, अब विभागीय टीमें न देस शाम तक ही नहीं, बल्कि रात को भी गोवंश का टीकाकरण करेंगी, बल्कि गोसेवा करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी वैक्सीनेशन करना सिखाकर उन्हें भी पशुओं को लगाने वैक्सीन देगी, ताकि प्रशिक्षण के बाद संबंधित व्यक्ति भी अपने-अपने क्षेत्र के निराश्रित गोवंश का टीकाकरण कर सकें। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लंपी वायरस की चपेट में आकर अब तक ग्वालियर संभाग में 50 के करीब गायों की मौत हो चुकी है।

रात में भी टीकाकरण की रणनीति

दिन के समय शहर और ग्रामीण क्षेत्र में निराश्रित गोवंश अलग-अलग जगहों पर चारे के लिए विचरण करता है, लेकिन शाम और रात में करीब एक निर्धारित जगह पर ही एकत्रित होकर विश्राम करते हैं। ऐसे में दिन में एक-एक गोवंश का तलाशना भी मुश्किल हो जाता है, लेकिन रात में एक ही जगह पर गोवंश मिल जाता है। चूंकि, वैक्सीन की एक बायल में सौ गोवंश का टीकाकरण करने के लिए दवा होती है। ऐसे में एक साथ ही कई पशुओं को वैक्सीन लग जाएगी और उन्हें जगह-जगह तलाशना भी नहीं पड़ेगा। साथ ही अधिक से अधिक गोवंश का टीकाकरण हो सकेगा।

गोसेवक भी कर सकेंगे वैक्सीनेशन

विभाग ने तय किया है कि, जिलेभर में कई लोग गोसेवा से जुड़े हैं। उन्हें भी भी वैक्सीनेशन का तरीका सिखाया जाएगा, जिससे जहां भी उन्हें निराश्रित गोवंश मिले, उसका वे टीकाकरण कर सकें। इससे ज्यादा से ज्यादा गोवंशों का टीकाकरण हो सकेगा।

Updated on:
17 Sept 2026 04:41 pm
Published on:
17 Sept 2026 04:40 pm