
Dispute in gwalior: एमपी के ग्वालियर शहर में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में पल्लेदारों ने अपने ही दोस्त पर ताबड़तोड़ चाकू मार दिए। उसे घायल छोड़कर नशेड़ी मौके से भाग गए। जब नशा उतरा तो घायल साथी की पत्नी पर दबाव बनाया कि वह पुलिस से शिकायत न करे। लेकिन उनका पैंतरा फेल हो गया।
महिला ने उनकी यह हरकत भी पुलिस को बता दी। आरोपी को पकडऩे के लिए पुलिस ने भी चाल चली। घायल की पत्नी से उसे फोन कर बातचीत के बहाने बुलवाया गया। आरोपी चकमा देने के लिए सलवार-सूट पहनकर महिला के भेष में अस्पताल पहुंच गया, लेकिन बच नहीं पाया। उसकी नौटंकी धरी रह गई और पुलिस ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
सिंगल बस्ती, मुरैना निवासी रचना (26) ने बताया कि वह अपने पति देवेंद्र मौर्य (32) के साथ मजदूरी करती है। देर रात दंपति को गुढ़ागुढ़ी का नाका पर पुट्टी से भरा ट्रक खाली करने का काम मिला था। मजदूरी के लिए धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और पप्पू भदौरिया भी उनके साथ काम पर पहुंचे थे। रात करीब 3 बजे काम खत्म हुआ, लेकिन उस समय घर लौटने का कोई साधन नहीं मिला, इसलिए तीनों वहीं दुकान के बाहर बैठ गए। मजदूरी का पैसा मिलने पर देवेंद्र ने धर्मेंद्र और पप्पू के साथ शराब पार्टी का प्लान बनाया। तीनों शराब पीने चले गए। थोड़ी देर बाद देवेंद्र लौट आया, जबकि धर्मेंद्र और पप्पू शराब पीते रहे।
कंपू थाना टीआई अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि आरोपी धर्मेंद्र को अंदेशा था कि अस्पताल में पुलिस मौजूद हो सकती है, इसलिए उसने चकमा देने के लिए नया पैंतरा अपनाया। धर्मेंद्र सलवार-सूट पहनकर अस्पताल पहुंचा। उसे उम्मीद थी कि महिला के भेष में पुलिस उसे पहचान नहीं पाएगी, लेकिन उसका यह पैंतरा फेल हो गया। चाल-ढाल से पुलिस टीम ने उसे पहचान लिया और दबोच लिया। वारदात में शामिल दूसरे आरोपी पप्पू भदौरिया की भी तलाश की जा रही है।
नशे में धुत होकर पप्पू और धर्मेंद्र भी कुछ देर बाद वापस लौटे। उनका देवेंद्र से विवाद हो गया। तैश में आकर दोनों ने देवेंद्र के पेट, सीने, हाथ और गर्दन पर चाकू से वार कर दिए और उसे लहूलुहान छोड़कर भाग गए। गंभीर हालत में रचना अपने पति को अस्पताल लेकर गई।
आरोपी का मास्टर प्लान फेल रचना ने बताया कि दूसरे दिन धर्मेंद्र ने समझौते की कोशिश की। उसने कहा कि पुलिस में रिपोर्ट मत करो, देवेंद्र के इलाज का पूरा खर्च वह उठाएगा। रचना ने उस समय कोई जवाब नहीं दिया, बल्कि पुलिस को पूरा घटनाक्रम बता दिया। पुलिस ने भी आरोपी को पकडऩे के लिए योजना बनाई। रचना के जरिए धर्मेंद्र को समझौते के बहाने अस्पताल मिलने बुलाया गया।