
ग्वालियर। एसपी दफ्तर से 500 मीटर की दूरी पर तीन लुटेरों ने सोमवार दोपहर को कैश डिपोजिट कंपनी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर को गोली मारकर 24 लाख, 20 हजार, 80 रुपए लूट लिए। विश्वविद्यालय थाने के दो सिपाहियों ने एक लुटेरे को घेरकर पटक भी लिया, लेकिन उसके साथी सिपाहियों पर फायरिंग कर उसे छुड़ाकर भाग गए। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शहर में आ रहे हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क होने का दावा कर रही है। ऐसे में लुटेरों ने सरेआम वारदात कर पुलिस को चुनौती दी है। लुटेरों को घेरने के लिए पूरे शहर में नाकाबंदी की गई, लेकिन पुलिस कुछ पता नहीं कर सकी।
सिक्योरिटी सुपरवाइजर बृजेन्द्र सिंह तोमर (50) निवासी रणधीर कॉलोनी, गनमैन कमल तोमर निवासी महलगांव, ड्राइवर हिमांशु कुशवाह निवासी कांचमिल के साथ सोमवार सुबह करीब १० बजे कैश कलेक्शन के लिए वैन एमपी ०४ बीसी १७७२ से निकले थे।पहली खेप में बजाज एलाइंस, मैट्रो और श्रीराम फाइनेंस से करीब २० लाख २५ हजार रुपया इक_ा किया। इन सभी फर्म का खाता आइसीआइसीआइ बैंक की सिटी सेंटर शाखा में है। सुबह ११ बजे बैंक पहुंचकर वैन ड्राइवर हिमांशु को रकम देकर बैंक में जमा करने के लिए छोड़ा। दूसरी खेप में कॉफी डे और लिबर्टी शोरूम और मेहरा टोल से करीब २४ लाख २० हजार ८० रुपया उठाया। पूरी रकम सिंडिकेट बैंक की सिटी सेंटर शाखा में जमा होना थी।
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एसपी ऑफिस के पास
तीनों लुटेरे बैंक पर पहले से मौजूद थे। वैन से रकम से भरा बैग लेकर वह उतरे तो दो लुटेरे दौड़ते हुए आए। उनका तीसरा साथी कुछ दूर बाइक स्टार्ट कर खड़ा था। दोनों ने मुंह पर साफी बांध रखी थी। उन्हें गन प्वॉइंट पर लेकर बैग छीना। गनमैन कमल ने लुटेरों पर १२ बोर की बंदूक तानकर ट्रेगर दबाया, लेकिन फायर मिस हो गया। लुटेरे बैग छीनकर भागे तो बृजेन्द्र सिंह ने उन्हें दबोच लिया तो लुटेरे उनके कंधे में गोली मारकर फायरिंग करते हुए भाग गए।
दस हजार का इनाम
यह पहला मौका है जब लुटेरों ने कैशकैरी वैन को टारगेट किया है। तीनों लुटेरों पर एसपी डॉ.आशीष ने दस हजार का इनाम
घोषित किया है।
पूर्व दस्यु का बेटा सुपरवाइजर
वारदात को हर एंगल से खंगाल रही पुलिस कैशवैन स्टाफ की कुंडली भी पता कर रही है। उसके मुताबिक लुटेरों की गोली सिक्योरिटी सुपरवाइजर बृजेन्द्र सिंह पूर्व दस्यु नाथू सिंह का बेटा है और कैशियर अवधेश सिंह का फूफा है। दोनों कई साल से कंपनी में नौकर हैं। दोनों हर दिन लाखों रुपया बैंक में जमा करने लाते रहे हैं।
कैश वैन में गनमैन कमल तोमर की डयूटी थी, लेकिन वह बता रहा है कि लुटेरों को काबू करने उसने उन पर बंदूक तानकर फायर भी किया लेकिन वह मिस हो गया। उसकी बातों पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा रहा है क्योंकि कमल के पास १२ बोर की दोनाली थी, एक फायर मिस होने पर उसने दूसरी गोली क्यों नहीं चलाई। इसके अलावा वैन के ड्राइवर हिमांशु की भूमिका को परखा जा रहा है। इसके बावजूद सिक्योरिटी सुपरवाइजर बृजेन्द्र सिंह और कैशियर अवधेश उसे करीब २० लाख की रकम जमा कराने के लिए क्यों थमा गए।
9 मिनट में 50 कदम की दूरी : उधर वाहन चालक हिंमाशु का कहना है कि उसने 20 लाख की रकम आइसीआइसीआइ बैंक में दोपहर करीब 12.27 मिनट पर जमा कराई थी। उसके बाद सुपरवाइजर बृजेन्द्र को फोन लगाया तो उन्होंने बताया कि वह सिंडीकेट बैंक पहुंच गए हैं तो वह करीब 12.37 पर सिंडीकेट बैंक पहुंचा। जबकि आइसीआइसी बैंक से सिंडीकेट बैंक की दूरी करीब 50- 90 कदम की है। फिर हिमांशु को वहां तक आने में 9 मिनट क्यों लगे।
गोली चलाकर मुकरे गार्ड
सिंडीेकेट बैंक की सुरक्षा के लिए बंदूकधारी सुरक्षागार्ड तैनात हैं, वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने गार्डस से पूछताछ की तो उनका कहना था कि लुटेरों ने बैग छीनने के लिए गोलियां दागी तो बदमाशों को खदेडऩे के लिए उन्होंने भी फायरिंग की, लेकिन कुछ घंटे बाद बैंक गार्ड लुटेरों पर फायरिंग से मुकर गए।
पेशेवर हैं बदमाश
लुटेरों ने वारदात में ९ एमएम पिस्टल का इस्तेमाल किया है। मौके से उसे 9 एमएम के 4 खोखे मिले हैं। इससे माना जा रहा है कि लुटेरे पेशवर हैं। उनमें से दो लोकल हो सकते हैं दोनों ने लूट के वक्त चेहरे पर साफी बांध रखी थी, जबकि बाइक चलाने वाले बदमाश ने चेहरा खुला रखा था।
सिलेसिलेवार वारदातें फिर सुरक्षा कमजोर
एसपी दफ्तर के पास बैंक में आने जाने वालों से लुटेरे सिलसिलेवार वारदातें करते रहे हैं। खास बात यह है कि किसी भी लूट में पुलिस अपराधियों को नहीं पकड़ सकी है। इससे पहले वारदातों में उसका शक पश्चिम बंगाल और झारखण्ड के लुटेरों पर ठहरा था। उनकी तलाश में एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम ने मालदा टाऊन, सिलीगुढ़ी सहित कोकराझार के बदमाशों को चिह्नित किया था।
एक साल में तीसरी वारदात
लुटेरों की लोकल लिंक से तलाश
इससे पहले भी इलाके में लुटेरे बैंक में आने वालों को टारगेट कर पैसा लूट चुके हैं,लेकिन यह पहला मौका है जब बदमाशों ने कैशकैरी वैन पर गोलियां चलाकर रकम लूटी है। तीनों लुटेरों पर 10 हजार का इनाम घोषित किया है। वारदात से जाहिर है कि बदमाशों में लोकल मददगार शामिल हैं। इस थ्योरी पर लुटेरों को तलाशा जा रहा है।
डॉ. आशीष, एसपी,ग्वालियर
हर पहलू की तफ्तीश
लुटेरों तक पहुंचने हर पहलू को खंगाला जा रहा है। फिलहाल वारदात में लोकल बदमाश शामिल होना माना जा रहा है। कुछ और तथ्य सामने आने पर इंवेस्टीगेशन को दिशा मिलेगी।
अखिलेशपुरी गोस्वामी विश्वविद्यालय टीआइ