ग्वालियर

Gwalior news: ‘मेरा बच्चा ला दो…’, घर पहुंचने से 10 किमी. दूर दुनिया छोड़ गया कल्याण, घर वाले करते रहे इंतजार

Road accident: भोपाल से बाइक पर घर लौट रहे कल्याण कुशवाह घर पहुंच ही नहीं पाया। परिवार इंतजार में था कि बेटा घर आएगा। पुलिस सीसीटीवी से गाड़ी का पता लगा रही है।
2 min read
Road accident: रोड एक्सीडेंट में कल्याण की मौत (Photo Source: AI Image)
Road accident: रोड एक्सीडेंट में कल्याण की मौत (Photo Source: AI Image)

Gwalior news: 15 अगस्त तक की छुट्टी लेकर घर जा रहा बेटा घर पहुंच ही नहीं सका। उससे पहले घर वालों को उसकी मौत की खबर मिल गई। जिस बेटे का घर पर सभी लोग इंतजार कर रहे थे वो घर पहुंचने से पहले ही हादसे का शिकार हो गया। कल्याण के परिवार में लोग बस यही कहते रहे कि मेरा बच्चा वापस ला दो। बता दें कि बाइक से भोपाल से घर लौट रहे युवक को लखनौती पुल (झांसी रोड) पर गाड़ी कुचलकर भाग गई। हादसे में उसकी मौत हो गई। मृतक भोपाल में काम करता था, 15 अगस्त तक का अवकाश लेकर आ रहा था। घर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर उसके साथ हादसा हो गया।

सिर पर आई गहरी चोट

पुलिस ने बताया कल्याण कुशवाह निवासी सिरोल के साथ देर रात घटना हो गई। 15 अगस्त तक छुट्टी लेकर कल्याण भोपाल से बाइक लेकर ग्वालियर रवाना हुआ था। लखनौती गांव तक सही-सलामत आ गया। यहां पुलिया के पास से निकल रहा था, तभी तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मारी और ड्राइवर मौका पाते ही वहां से भाग निकला। पुलिस का कहना है एक्सीडेंट में कल्याण के सिर और शरीर में गहरी चोट आई। उसने वहीं दम तोड़ दिया। कल्याण को सड़क पर पड़े देख राहगीरों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर घटना स्थल पहुंची।

घरवाले इंतजार में, हादसे की खबर पहुंची

कल्याण बाइक से घर लौट रहा है इसकी जानकारी उसके परिजनों को भी थी। परिवार के लोग इंतजार में थे कि वह कुछ देर में घर आने वाला है। लेकिन उसके साथ दर्दनाक हादसे की खबर उन्हें मिली। झांसी रोड थाना टीआइ शक्ति सिंह यादव ने बताया, जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां सीसीटीवी नहीं है। हाईवे पर दूसरी जगह लगे कैमरे से एक्सीडेंट कर भागी गाड़ी का पता लगाया जा रहा है।

घर से 10 किलोमीटर दूर हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि कल्याण भोपाल से ग्वालियर तक का लंबा सफर तय कर चुका था। हादसे वाली जगह से उसके घर की दूरी करीब 10 किलोमीटर ही रह गई थी। कल्यण का परिवार इंतजार में बैठा था कि वो घर आने वाला है लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि जिस बेटे के आने की राह देख रहे हैं, वह अब कभी घर नहीं लौटेगा। आसपास के लोगों का कहना है कि परिवार में 15 अगस्त की छुट्टी पर घर आने की खुशी मातम में बदल गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

Updated on:
12 Aug 2026 12:00 pm
Published on:
12 Aug 2026 11:55 am