
ग्वालियर। प्रदेश में 43 दिन बाद विधानसभा चुनाव होना है। जिसकी तैयारी में सभी पार्टियां और उनके कार्यकर्ता व नेता साथ ही टिकट के दावेदार भी जुट गए है। वहीं विधानसभा चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों को अपने आपराधिक रेकॉर्ड एवं दोष सिद्ध प्रकरण के संबंध में घोषणा करनी होगी। इसके लिए नाम निर्देशन पत्र के साथ शपथ पत्र में इसका उल्लेख करना होगा,साथ ही राजनीतिक दल की वेबसाइट और मीडिया में भी यह जानकारी प्रकाशित करानी होगी।
यह करना होगा प्रत्याशी को
प्रत्याशी द्वारा दी गई आपराधिक प्रकरण की जानकारी राजनीतिक दल को अपनी वेबसाइट में दिखानी होगी। प्रत्याशी एवं संबंधित राजनीतिक दल इस संबंध में घोषणा पत्र भी जारी करेंगे,जिसे उनके द्वारा मीडिया में प्रसारित/प्रकाशित कराना होगा। तीन बार प्रकाशन नाम वापसी के अंतिम दिन से चुनाव के 48 घंटे पूर्व तक कराना होगा। इस संबंध में आयोग द्वारा फॉर्मेट सी-वन में आपराधिक प्रकरणों की जानकारी की घोषणा होगी, जिसे अभ्यर्थी द्वारा मीडिया में प्रकाशित करवाया जाएगा।
फॉर्मेट सी-2 में अभ्यर्थी द्वारा राजनीतिक दल को अपने आपराधिक प्रकरणों की जानकारी दी जाएगी, जिसका प्रकाशन राजनीतिक दल स्वयं की वेबसाइट पर करेगा। फॉर्मेट सी-३ में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रत्याशियों को, जिनके द्वारा अपने शपथ पत्र में आपराधिक प्रकरण के बारे में घोषणा की गई है, उन्हें लिखित में निर्देश दिया जाएगा कि मीडिया में इसका प्रचार-प्रसार किया जाए।
यह आदेश हैं सुप्रीम कोर्ट के
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तारतम्य में निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार प्रत्येक प्रत्याशी को चुनाव आयोग द्वारा दिए गए प्रारूप में सभी विवरण भरना होगा। प्रत्याशी अपने लंबित आपराधिक प्रकरण के संबंध में विवरण भरेगा। यदि वह किसी राजनीतिक दल के टिकट पर निर्वाचन लड़ रहा है तो उसे अपने उस राजनीतिक दल को भी इसकी सूचना देनी होगी।