MP News: नगर निगम की पानी की टंकी में मरा हुआ सांप होने की रील नाबालिगों ने सोशल मीडिया पर वायरल की थी, रील वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया था।
MP News: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता और व्यूज बटोरने का जूनून इस कदर हावी हो चुका है कि अब लोग हजारों जिंदगियों को दांव पर लगाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। रविवार को वार्ड 10 स्थित घासमंडी इलाके में पानी की टंकी में सांप मिलने का जो वीडियो वायरल हुआ था, वह रील बनाने के चक्कर में फैलाई गई महज एक सनसनीखेज अफवाह थी। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर साजिश को अंजाम देने वाले कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि दो नाबालिग बच्चे हैं। जिन्होंने पकड़े जाने के बाद अपने द्वारा फैलाई गई अफवाह के लिए माफी मांगी है, लेकिन इन बच्चों की इस हरकत की वजह से दिनभर करीब 19 हजार लोगों की सांसें अटकी रहीं। अब सच्चाई सामने आने के बाद इन हजारों लोगों ने राहत की सांस जरुर ली होगी।
इस पूरे मामले ने नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बताया जा रहा है कि घासमंडी की इस पानी की टंकी पर पिछले दो दिनों से मेंटेनेंस (रखरखाव) का काम चल रहा था। काम के चलते टंकी के आसपास सुरक्षा बेहद पुख्ता होनी चाहिए थी, लेकिन निगम के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी गहरी नींद में सोए रहे। इसी ढीली सुरक्षा व्यवस्था का फायदा उठाकर दोनों नाबालिग बच्चे टंकी के ऊपर तक पहुंच गए। उन्होंने केवल सोशल मीडिया पर रील वायरल करने के उद्देश्य से एक सांप को लाकर टंकी के मुहाने पर रखा और उसका डरावना वीडियो शूट कर वायरल कर दिया।
इस 15 सेकंड की रील ने 19 हजार की आबादी वाले क्षेत्र में दहशत फैला दी। हरकत में आए निगमायुक्त संघ प्रिय के निर्देश पर अपर आयुक्त प्रदीप तोमर मौके पर पहुंचे। एहतियातन पानी की सप्लाई तुरंत रोकी गई। जब मामले की बारीकी से जांच हुई, तो पता चला कि दोनों नाबालिगों ने रील बनाने के चक्कर में यह झूठ फैलाया था। पकड़े जाने पर नाबालिग बच्चों ने अपनी बड़ी भूल स्वीकार करते हुए माफी मांगी।
बता दें कि इससे पहले जब ये खबर सामने आई थी कि नगर निगम की टंकी में मरा हुआ सांप निकला है तो ग्वालियर शहर में हड़कंप मच गया था। घासमंडी इलाके की जिस पानी की टंकी में मरा हुआ सांप मिलने की बात फैली उसके जरिए करीब 19000 लोगों को पानी की सप्लाई की जाती है, ऐसे में इलाके के उन लोगों में हड़कंप मच गया।