ग्वालियर

MP में 15 अगस्त को फिर सक्रिय होगा मानसून, बारिश की संभावना

mp weather: मानसून ट्रफ लाइन हिमालय की तराई में पहुंच गई है, इस कारण 49 दिन बाद मानसून पर ब्रेक लग गया है। भारत के स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त तक मानसून की वापसी के आसार है लेकिन तब तक उमस परेशान करेगी।
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Aug 07, 2025
mp weather monsoon update alert august rain return update
mp weather monsoon update alert august rain return update (फोटो- Patrika.com)

monsoon update: ग्वालियर में बुधवार को बारिश थम गई, तेज धूप निकली, जिससे उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने इस हफ्ते बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। दो से तीन डिग्री तापमान बढ़ने के आसार जताए हैं, इस कारण गर्मी बढ़ेगी। 15 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में फिर सक्रिय होकर मानसून ट्रफ लाइन वापस लौटेगी और बारिश की संभावना बनेगी।

49 दिन बाद रुकी बारिश

17 जून से शहर में मानसून की बारिश शुरू हुई थी। बंगाल की खाड़ी से एक बाद एक सिस्टम आए, इससे हल्की, मध्यम व भारी बारिश का दौर चला। मानसून ट्रफ लाइन भी लगातार ग्वालियर- चंबल संभाग के ऊपर स्थिर रही, इस कारण 1076 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। जून व जुलाई में होने वाली भीषण गर्मी से भी राहत रही, तापमान सामान्य से नीचे रहा। अब मानसून ब्रेक आया है, इसके कारण गर्मी बढना शुरू हो गई है। (mp weather)

मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्र के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट नहीं

प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि, सभी जिलों में स्थानीय प्रभाव से गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना रहेगी। दो से तीन डिग्री सेल्सियस तापमान में उछाल आएगा। (monsoon update)

क्या है मानसून ट्रफ लाइन

मानसून ट्रफ लाइन (monsoon trough) मानसून सीजन के दौरान बनती है। ट्रफ लाइन का एक हिस्सा बंगाल की खाड़ी व दूसरा हिस्सा पश्चिम की ओर रहता है। इसके सहारे बंगाल की खाड़ी से नमी आती है।

टूफ लाइन सामान्य स्थिति में रहती है, तो मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश होती है। ग्वालियर चंबल संभाग या भोपाल के पास से होते हुए ज्यादा गुजरती है, जिससे बारिश की संभावना बनी रहती है। यह उत्तर की ओर से शिफ्ट हो जाती है तो बारिश घटती है। वर्तमान में मानसून ट्रफ लाइन का पूर्वी व पश्चिमी हिस्सा हिमालय की तराई में है। इस कारण हिमालय क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है।

Updated on:
07 Aug 2025 03:20 pm
Published on:
07 Aug 2025 08:24 am