
MP winter arrival date: आने वाले दिनों में सर्दी कब सिहरन पैदा करेगी, कब हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ेगी और कब सूरज की तपिश राहत देगी? मौसम विज्ञान के पारंपरिक सैटेलाइट मॉडलों से इतर, ग्वालियर के माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (MITS) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने एक और भविष्यवादी प्रयोग किया है। प्रोफेसर अरुण कुमार वाधवानी ने एआइ, डीप न्यूरल नेटवर्क और खगोलीय ज्योतिषीय ग्रह गणनाओं को एक धागे में पिरोकर एक कोल्ड इंडेक्स मॉडल तैयार किया है। इस एआई आधारित अध्ययन का निष्कर्ष है कि मध्य प्रदेश में सर्दी धीरे-धीरे कदम आगे बढ़ाते हुए 29 दिसंबर से विकराल रूप धारण करेगी। जनवरी में ठंड अपने चरम पर रहेगी, जबकि फरवरी के मध्य से इसकी विदाई शुरू हो जाएगी और 9 मार्च से पारा 30 डिग्री पार कर गर्मी का अहसास कराने लगेगा।
प्रस्तावित कोल्ड इंडेक्स में 0.1 से 1.0 तक मान रखे गए हैं। अंक बढ़ने का अर्थ ठंड की तीव्रता बढ़ना है।
31 अक्टूबर : 0.05 - हल्की गुलाबी ठंड
17 नवंबर : 0.1 - ठंड की शुरुआत
5 दिसंबर : 0.2-ठंड बढ़ने के संकेत
16 दिसंबर 0.5 - ठंड में तेजी
22 दिसंबर 0.6 असर और बढ़ेगा
29 दिसंबर 0.8 - तेज ठंड
जनवरी: 0.85 से 0.88 - ठंड का चरम
फरवरी: 0.7 से घटकर 0.5 - सर्दी कमजोर
126 वर्षों का इतिहास और एआई की ट्रेनिंगः ऐसे डिकोड हुआ ठंड का चक्र: प्रो. वाधवानी का यह शोध पारंपरिक मौसम विज्ञान और डेटा साइंस का दिलचस्प घालमेल है।
डेटा माइनिंगः वर्ष 1900 से लेकर 2026 तक के 126 वर्षों के शीतकालीन चक्रों का विश्लेषण किया गया। इनमें से देश में भीषण ठंड वाले 13 चुनिंदावर्षों (1906, 1965, 1989, 1996, 2008, 2012 आदि) को ट्रेनिंग डेटासेट बनाया गया।
न्यूरल नेटवर्क का गणितः सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शनि और नेपच्यून जैसे 10 खगोलीय पिंडों की आपसी कोणीय दूरी और स्थितियों को इनपुट' बनाकर एआइ के एरर-करेक्टिंग न्यूरल नेटवर्क को प्रशिक्षित किया गया।
आमतौर पर अक्टूबर में गुलाबी ठंडक का अहसास होने लगता है, लेकिन इस बार सूरज के तीखे तेवर नरम पड़ने का नाम नहीं ले रहे। पिछले एक सप्ताह से दिन का तापमान लगातार 35 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। दिन में तीखी धूप के कारण रात में भी ठंडक का इंतजार बढ़ता रहा है। अक्टूबर माह में तीन साल बाद इस तरह की गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इसके पहले 2023 में 14 और 15 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री पर पहुंचा था।
इस बार भी पिछले 12 दिनों में तीन बार तापमान 36 डिग्री के पार पहुंचा है, जबकि पिछले 4 अक्टूबर से तापमान लगातार 35 से 36 डिग्री के बीच बना हुआ है। सोमवार को भी अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 18.2 डिग्री दर्ज किया गया। ममौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि अभी कोई सिस्टम नहीं है, मौसम शुष्क बना हुआ है। एक पश्चिमी विक्षोभहिमाचल प्रदेश और उत्तरी हरियाणा के ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण के रूप में है। इसके आगे बढ़ने की संभावना है, ऐसे में 15 अक्टूबर के आसपास ग्वालियर, चंबल के हिस्से में बादल, बौछारों की स्थिति बन सकती है।