MP News: सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर पीएनजी गैस कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।
MP News: शहर में गैस की किल्लत को देखते हुए जिला प्रशासन ने मैरिज गार्डन, होटल और अन्य बल्क गैस उपभोक्ताओं के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। बीते दिन बाल भवन में आयोजित बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अवंतिका और राजस्थान गैस एजेंसी की पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां के सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर पीएनजी गैस कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।
ऐसा नहीं करने पर उन्हें कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया, जिन क्षेत्रों में अभी पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां आगामी तीन से चार महीनों में लाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद उन क्षेत्रों में भी सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
उन्होंने संचालकों से कहा कि वे गैस एजेंसियों के माध्यम से जल्द आवेदन कर कनेक्शन प्राप्त करें। बैठक में मैरिज गार्डन संचालकों ने कनेक्शन प्रक्रिया को सरल बनाने और इसकी लागत को लेकर सवाल उठाए। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया, जिस प्रकार बिजली बिल उपभोक्ताओं से लिया जाता है, उसी तरह गैस का खर्च भी आसानी से वहन किया जा सकता है और पीएनजी कनेक्शन से संचालन अधिक सुविधाजनक होगा। इसके साथ ही कलेक्टर ने मैरिज गार्डनों में फायर एनओसी, भवन निर्माण अनुमति, पर्याह्रश्वत पार्किंग और कचरा प्रबंधन को लेकर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने निगमायुक्त को निर्देश दिए कि सभी संचालकों से इन नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
अपर आयुक्त प्रतीक राव ने कहा कि सभी मैरिज गार्डन संचालक नगर निगम से कचरा प्रबंधन का अनुबंध करें और आवश्यक अनुमति व फायर एनओसी अनिवार्य रूप से प्राप्त करें। नियमों का पालन न करने पर संबंधित संस्थानों को सील करने सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गैस कनेक्शन के झंझट में पड़े बिना भी सिलेंडर मिल सकेगा। सरकार ने बाजार में 5 किलो का छोटू गैस सिलेंडर उतार दिया है, जिसे कोई भी व्यक्ति सीधे खरीद सकता है। खाड़ी युद्ध के असर से प्रदेश में एलपीजी सप्लाई पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। खास बात यह है कि अब गैस सिलेंडर लेने के लिए न तो लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा और न ही कनेक्शन की जरूरत पड़ेगी।
प्रदेशभर कीतरह ग्वालियर में यह सुविधा शुरु हो रही है। जिला आपूर्ति अधिकारी अरविंद सिंह भदौरिया के अनुसार, भरे हुए 5 किलो के इस सिलेंडर की कीमत 1642 रुपए तय की गई है, जबकि इसे 645 रुपए में रिफिल कराया जा सकेगा। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी आसान उपलब्धता है।