
भिण्ड . मेहगांव के वार्ड क्रमांक 5 और वार्ड क्रमांक 3 में 5 परिवार सामाजिक कार्यकर्ताओं के आश्रय पर भले ही एक वक्त का खाना खा रहे हैं लेकिन बाकी वक्त वह भूखे ही सोने के लिए विवश है। पत्रिका ने बुधवार को उपरोक्त सभी पांच परिवारों की दास्तान को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम को लेकर चल रहे लॉक डाउन में उपरोक्त सभी परिवार के सदस्य लगभग एक वक्त भूखे ही सो रहे हैं। इससे पहले की इन परिवारों तक प्रशासन की मदद पहुंच पाते उससे पहले मौत ने दस्तक दे दी। जी हां 5 परिवारों में से एक बंसीलाल गोस्वामी का 2 सदस्य परिवार भी फाका कशी कर रहा है। इस बीच बंसीलाल बीमारी का सामना भी कर रहे थे ना तो उन्हें दवाई मिल पाई और ना ही पेट भरने के लिए भोजन लिहाजा जिंदगी से संघर्ष करते करते सांसो ने हार मान ली और बुधवार की अलसुबह करीब 5:00 बजे जीवन को अलविदा कह दिया।
सामाजिक संस्थाएं कर रही मदद
भिंड जिले में हर रोज कमाने खाने वालों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। धन की तंगी के चलते घर में खाने पीने का सामान नहीं है। भूखे-प्यासे लोग अपने घरों में परेशान न हो, जिसके लिए शहर की सामाजिक संस्थाएं लगातार उन्हें समय पर भोजन उपलब्ध कराने की कोशिस कर रही हैं।
लॉक डाउन का पूर्ण पालन
भिंड जिले में पूर्ण लॉक डाउन घोषित है। ग्वालियर व मुरैना में भी पूर्ण लॉक डाउन है। जिसको लेकर पुलिस व प्रशासन मुस्तैदी से काम कर रहा है। ग्वालियर में मंगलबार को 5 कोरोना मरीज की पुष्टि की गई है। जिसके चलते जिले की सारी सीमाएं सील की गई है। एक जिले से दूसरे जिले में एंट्री के लिए प्रशासन की मंजूरी और मेडीकल टीम द्वारा चैक करने के बाद ही जाने दिया जा रहा है। भिंड में यही हाल है। लोगों को सिर्फ सुबह के वक्त ही बाहर जरूरी सामान खरीदने के लिए जाने की इजाजत है। जिसके चलते लोगों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही यदि कहीं कोई व्यक्ति लॉक डाउन का पालन नहीं कर रहा है तो उसे पर कार्रवाही की जा रही है।