ग्वालियर

Online thagi गुजरात में 20-20 हजार में खरीदे बैंक खातों में जमा कराए ऑनलाइन हड़पे 51 लाख रुपए

रिटायर्ड शिक्षिका आशा भटनागर को डिजिटल हाउस अरेस्ट कर उनके खातों से दो बार में ऑनलाइन 51 लाख रुपया लूटने वाली गुजरात की गैंग का नेटवर्क बहुत

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Jun 25, 2024
Online thagi

Online thagi . रिटायर्ड शिक्षिका आशा भटनागर को डिजिटल हाउस अरेस्ट कर उनके खातों से दो बार में ऑनलाइन 51 लाख रुपया लूटने वाली गुजरात की गैंग का नेटवर्क बहुत फैला हुआ है। इस गैंग के तीन आरोपी राजकोट और सोमनाथ (गुजरात) से गिरफ्त में लिए गए हैं। इन्हीं तीनों ने अपने बैंक खाते 20-20 हजार रुपए में ऑनलाइन लुटेरों को बेचे थे, जिसमें शिक्षिका से हड़पी गई रकम को जमा कराया गया था। बाद में इन खातों से दमन और सूरत में रकम निकाल ली गई। पैसों के लालच में बैंक खाते बेचने वाले तीनों आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर लिया है। पुलिस इन्हें गुजरात लेकर गई है।

ऑनलाइन लूट का यह मॉड्यूल सामने आया है। बता दें सीपी कॉलोनी (मुरार) निवासी रिटायर्ड शिक्षिका आशा भटनागर को बदमाशों ने वीडियो कॉल कर धमकाया था मुंबई क्राइम ब्रांच ने उन पर 26 केस दर्ज किए हैं। जेल जाने से बचना है तो हमारी बात मानो। उन्हें डरा-धमकाकर बदमाशों ने दो बार में 46 लाख और फिर 5 लाख रुपया उनके बैंक खातों से ऑनलाइन ट्रांसफर कराया था। कुछ मिनट बाद 46 लाख रुपए कश्मीर में कारोबारी मीर मुदस्सर के खाते में पहुंच गई थी। मुदस्सर ने अपना कमीशन काटकर राजस्थान में अनिल विश्नोई गैंग के बैंक एकाउंट में इसे ट्रांसफर कर दिया था।

आरोपियों ने कबूला… बैंक में खाते खुलवाकर लुटेरों को बेचे

हड़पी गई रकम के शेष 5 लाख जालसाजों ने गुजरात के बैंक खातों में जमा कराए थे। इस संबंध में ध्रुव लालजी भाई निवासी गिर सोमनाथ, बंटी उर्फ हरेश भाई निवासी राजकोट और सोहेल पारधी निवासी राजकोट को पकड़ा है। तीनों ने पुलिस के सामने खुलासा किया कि वे तो राजकोट में हॉस्टल में रहकर पढाई करते हैं। यहां जयनील परमार से दोस्ती हुई थी। उसने 20-20 हजार रुपए में बैंक खाते खरीदने का ऑफर दिया था। पैसों के लालच में ध्रुव लालजी और बंटी उर्फ हरेश ने फेडरल बैंक में बचत खाते खुलवाए। सोहेल पारधी ने अपने नाम से सिम खरीद कर खाते में मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करवाया। पैसा लेकर खातों की पासबुक, चैक बुक और सिम जयनील को थमा दिया।

ठगी से मात्र तीन दिन पहले खुले बैंक खाते

पुलिस ने बताया तीनों बैंक खाते आशा भटनागर से ऑनलाइन पैसा लूटने के तीन दिप पहले खुलवाए थे। इन खातों में आशा भटनागर से लूटा पैसा जमा हुआ। फिर सूरत और दमन में उसे निकाला गया। खाता बेचने वाले तो पकड़े गए लेकिन खाते खुलवाने और खरीदने वाला जयनील परमार फरार है।

सिंगापुर और हांगकांग का वीपीएन इस्तेमाल

क्राइम ब्रांच अधिकारियों का कहना है आशा भटनागर को डिजिटल अरेस्ट कर उनके खातों में जमा पैसा लूटने के लिए फ्रॉडस्टर्स ने इंटरनेट कॉल का इस्तेमाल किया था। उसका वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) सर्वर हांगकांग और ङ्क्षसगापुर का निकला है।

तेलंगाना से 40 लाख रुपया आया

पुलिस ने बताया, ध्रुव लालजी, हरेश और सोहेल के बैंक खातों की डिटेल से पता चला है कि जिस दिन आशा भटनागर के खातों से लूटा पैसा इनके खातों में जमा हुआ। उसी दिन तेलंगाना से इन तीनों खातों में 40 लाख रुपया ट्रांसफर हुआ था।

Published on:
25 Jun 2024 06:18 pm
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