MP News: प्रशासन इसे संसाधनों के बेहतर उपयोग और शिक्षा गुणवत्ता सुधारने का कदम बता रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे बच्चों को एक से दो किलोमीटर दूर स्कूल भेजना आसान नहीं होगा।
MP News:मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में कम छात्र संख्या वाले सरकारी स्कूलों पर बंदी का खतरा मंडराने लगा है। जिन स्कूलों में 20 से कम विद्यार्थी नामांकित हैं, उन्हें नजदीकी स्कूलों में विलय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने ऐसे 140 से अधिक स्कूलों की सूची जारी की है, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्कूलों के आसपास एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी में अन्य स्कूल संचालित हैं, वहां पढऩे वाले बच्चों को पास के स्कूलों में भेजा जाएगा। इस संबंध में ब्लॉक स्तर पर सर्वे और सत्यापन कर रिपोर्ट राज्य शिक्षा केन्द्र को भेजी जा चुकी है।
छीमक फार्म, बझेरा और नाटहोली जैसे स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। वहीं 50 से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरी पढ़ाई चल रही है।
स्थिति का अंदाजा जिगनिया गांव के प्राथमिक स्कूल से लगाया जा सकता है, जहां पिछले तीन वर्षों से एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ। स्कूल खाली पड़ा है और वहां कोई शिक्षक भी पदस्थ नहीं है।
डबरा ब्लॉक के 313 माध्यमिक स्तर तक के स्कूलों में से 42 स्कूल ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां तीन साल से छात्र संख्या 20 से कम है। इनमें 23 स्कूलों में 10 से भी कम छात्र पढ़ रहे हैं।
जिले में कुछ स्कूलों की सूची शासन से प्राप्त हुई है, हालांकि उनकी संख्या की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं है, उन्हें अन्य नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी डीपीसी कार्यालय के पास है।- हरिओम चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी, ग्वालियर
प्रशासन इसे संसाधनों के बेहतर उपयोग और शिक्षा गुणवत्ता सुधारने का कदम बता रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे बच्चों को एक से दो किलोमीटर दूर स्कूल भेजना आसान नहीं होगा। इससे स्कूल छोडऩे वाले बच्चों की संख्या बढऩे की आशंका जताई जा रही है।
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने स्कूली बच्चों को राहत देने का निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश के कई जिलों में स्कूली बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए पहली से आठवीं तक की 30 अप्रैल तक छुट्टी घोषित कर दी गई है। अलग- अलग जिलों के प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। वहीं अवकाश को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, नर्सरी से आठवीं कक्षा तक सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। हालांकि शिक्षक विद्यालय में अपस्थित रहेंगे।