
ग्वालियर. शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम 7 माह के उच्चतम स्तर पर पर जा पहुंचे हैं। एक ओर जहां चुनाव के समय पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी वहीं अब बजट के बाद सेस लगने के साथ-साथ लगातार दामों का उछलना जारी है। गत सात महीनों में पेट्रोल 7.26 रुपए तो डीजल 6.30 रुपए लीटर तक महंगा हो गया है। ईंधन के बढ़ते दामों से जहां आमजन की परेशानियां बढ़ी हैं वहीं दूसरी ओर दोनों की बिक्री में भी गिरावट देखी जा रही है।
| 06 जनवरी 2019 |
| पेट्रोल के दाम - 71.15 रुपए लीटर |
| डीजल के दाम - 63.24 रुपए लीटर |
| 18 जुलाई 2019 |
| पेट्रोल के दाम - 78.50 रुपए लीटर |
| डीजल के दाम - 69.54 रुपए लीटर |
| 19 जुलाई 2019 |
| पेट्रोल के दाम - 78.50 रुपए लीटर |
| डीजल के दाम - 69.54 रुपए लीटर |
इतनी घट गयी खपत
शहर में प्रतिदिन पेट्रोल की खपत ढ़ाई लाख लीटर की होती है, लेकिन जब से सेस के कारण दाम बढऩा शुरू हुए हैं तभी से 18-20 हजार लीटर पेट्रोल की खपत गिर चुकी है। वहीं डीजल की हर रोज की खपत साढ़े चार लाख लीटर की होती थी, जो अब करीब डेढ़ लाख लीटर तक कम हो चुकी है। पंप संचालकों के मुताबिक उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली में पेट्रोल और डीजल पर टैक्स कम होने के कारण गाडिय़ां वहीं से भरवाई जा रही हैं।
चुनाव निपटने के बाद से बढ़ रहे दाम
ऐसा लगता है कि चुनावों के चलते पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी नहीं हो रही थी। चुनाव निपटते ही जहां एक ओर सेस लगा दिया गया वहीं दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में आमजन की परेशानियां बढ़ गई हैं।
उदयवीर सिंह, अध्यक्ष, ग्वालियर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन
चुनाव निपटने के बाद से बढ़ रहे दाम
पड़ोसी राज्यों में टैक्स कम होने के कारण वाहन चालक डीजल वहीं से भरवा रहे हैं। डीजल की डेढ़ लाख लीटर की खपत कम हो चुकी है। ऐसे में सरकार का राजस्व कैसे बढ़ेगा। सरकार को टैक्स की दरें कम करनी चाहिए।
दीपक सचेती, संरक्षक, ग्वालियर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन