
PhD Student Suicide Case:ग्वालियर पीएचडी छात्रा आत्महत्या मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। छात्रा की मौत के छह दिन बाद माधौगंज थाना पुलिस ने आरोपी प्रेमी योगेश रावत की तीन बहनों प्रियंका रावत, पूनम रावत और पिंकी रावत के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। परिजनों का आरोप है कि छात्रा ने जिन महिलाओं पर मानसिक प्रताडऩा और धमकाने के आरोप लगाए थे, उनके खिलाफ उसी रात शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। परिवार का कहना है कि इसी प्रताडऩा से आहत होकर छात्रा ने अगले दिन दतिया स्थित पैतृक घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
पुलिस के मुताबिक, छात्रा के भाई ने शिकायत में बताया कि 14 मई की शाम करीब 6.30 बजे एक युवती माधौगंज स्थित उनके घर पहुंची। उसने खुद को पिंकी रावत और छात्रा की सहेली बताया। उस समय घर पर उसकी पत्नी अकेली थी। आरोप है कि युवती ने धमकी दी कि यदि योगेश रावत के खिलाफ शिकायत की गई तो जान से मार देंगे। इसके बाद रात करीब 10.40 बजे फोन कर कहा गया कि वे घर आ रहे हैं। शिकायत के अनुसार रात करीब 11.45 बजे पूनम, प्रियंका और पिंकी रावत घर पहुंचीं और छात्रा के वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए योगेश के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर तीनों कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देकर चली गईं।
पीएचडी छात्रा ने 15 मई को दतिया स्थित अपने पैतृक घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि दतिया के सुनारी निवासी योगेश रावत ने शादी का झांसा देकर छात्रा से दुष्कर्म किया। छात्रा ने आवेदन में बताया था कि योगेश की प्रताडऩा के कारण वह गर्भवती हो गई थी। बच्चेदानी का ऑपरेशन भी कराना पड़ा। परिवार का कहना है कि इसी बीच योगेश की तीनों बहनें माधौगंज स्थित घर पहुंचीं और छात्रा को लगातार धमकियां दीं, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई थी।
माधौगंज थाना पुलिस ने प्रियंका, पूनम और ङ्क्षपकी रावत के खिलाफ धमकी और गाली-गलौज से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी दिव्या तिवारी के अनुसार, पीडि़त पक्ष घटना वाली रात करीब 12.30 बजे थाने पहुंचा था और मौखिक शिकायत की थी। लिखित आवेदन बाद में देने की बात कहकर वे लौट गए थे। बुधवार को लिखित शिकायत मिलने के बाद तीनों महिलाओं पर केस दर्ज किया गया।