Monsoon Update: मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मानसून की सामान्य तारीख केरल पहुंचने की 1 जून रहती है, लेकिन इस बार की परिस्थितियों के अनुसार यह 26 मई के आसपास पहुंचने की संभावना बन रही है।
Monsoon Update: गर्मी ने अब अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इन दिनों सूरज के तेवर इस कदर तल्ख है कि सुबह से ही लोगों का जीना मुहाल हो गया है। लोग तेजी से प्री मानसून (Monsoon) का बारिश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अभी तो हालात ये है कि सुबह करीब 5.30 बजे से ही गर्मी अपना असर दिखाने लगती है और दोपहर होते-होते शहर पूरी तरह भट्टी की तरह तपने लगता है।
तेज धूप के कारण लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा और लू का असर भी देखने को मिलेगा। बीते दिन ज्यादा आर्द्रता होने के कारण गर्मी का अहसास बढ़ रहा है। यहां सुबह की आर्द्रता 52 फीसदी रही, जो सामान्य से 12 फीसदी ज्यादा रही। रविवार को अधिकतम तापमान 42.6 और न्यूनतम 26.4 डिग्री दर्ज किया गया।
(India Meteorological Department – IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी मध्यप्रदेश इस समय सबसे ज्यादा गर्मी झेल रहा है। रतलाम, मंदसौर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और बुरहानपुर जैसे जिलों में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां तापमान 44 डिग्री से ऊपर पहुंचने की संभावना है। राजगढ़ में 45 डिग्री, रतलाम में 44.8 और खंडवा में 44.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में शामिल रहा।
राजगढ़ 45.0°C
रतलाम 44.8°C
विदिशा 44.6°C
खंडवा 44.5°C
छतरपुर 44.4°C
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मानसून की सामान्य तारीख केरल पहुंचने की 1 जून रहती है, लेकिन इस बार की परिस्थितियों के अनुसार यह 26 मई के आसपास पहुंचने की संभावना बन रही है। यह मानसून के आने की गति पर निर्भर करता है। पूरे मध्य प्रदेश में 15 जून से 25 जून के बीच पहुंच जाता है। प्री-मानसून एक्टिविटी जून के पहले सप्ताह से सक्रिय होने की संभावना है। मानसून के आठ-दस दिन पहले से शुरू होने वाली बारिश को ही प्री मानसून श्रेणी में रखा जाता है। इस बार माना जा रहा है कि प्री मानसून की बारिश अच्छी होगी।
एमपी के कई जिलों में राते बेहद गर्म हो रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि ये स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती हैं। सामान्यतः रात में तापमान कम होने पर शरीर को गर्मी से उबरने का मौका मिलता है, लेकिन जब रात भी गर्म बनी रहे तो शरीर को राहत नहीं मिलती। इससे हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन, थकान, बेचैनी और नींद संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों पर इसका प्रभाव अधिक पड़ता है।