ग्वालियर

Gwalior News: सिंधिया संपत्ति विवाद, पहली बार कोर्ट पहुंची प्रतिमा देवी, वसीयत में बराबर हिस्से का दावा

Scindia Royal Family Property Dispute Update: सिंधिया राजघराना संपत्ति बंटवारा विवाद में मंगलवार को कोर्ट पहुंचीं प्रतिमा देवी, नेपालगंज पते पर नोटिस भेजने का आरोप, 10 सितंबर को होगी अगली सुनवाई।
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Scindia Royal Family Property Dispute
scindia royal family property dispute update, जय विलास पैलेस, वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे, उषा राजे और ज्योतिरादित्य सिंधिया की फाइल तस्वीरें (Source- patrika)

Gwalior Scindia Royal Family Property Dispute Update: देश के बड़े राजघरानों में शामिल मध्यप्रदेश के ग्वालियर के सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे के विवाद में मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पहली बार प्रतिमा देवी कोर्ट पहुंचीं और अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया की वसीयत उनके पास नहीं है, लेकिन मुंबई कोर्ट में मौजूद वसीयत की कॉपी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें भी संपत्ति में बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए।

प्रतिमा देवी ने नोटिस को लेकर उठाए सवाल

प्रतिमा देवी ने नोटिस को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि उन्हें नेपाल के नेपालगंज पते पर नोटिस भेजे गए, जबकि उनका निवास काठमांडू में है। इस वजह से उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला और उन्हें एकपक्षीय घोषित कर दिया गया। उन्होंने अपनी छोटी बहनों का भी जिक्र करते हुए कहा कि वे भी अपनी मां के हिस्से पर दावा कर रही हैं। यहां बता दें कि प्रतिमा देवी सिंधिया की बड़ी बुआ दिवंगत पद्माराजे की बेटी हैं।

बंटवारे में शामिल नहीं किए जाने पर आपत्ति

बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच संपत्तियों के बंटवारे का विवाद चल रहा है। सभी पक्षों के बीच बंटवारे को लेकर सहमति बन चुकी थी। सिंधिया परिवार की संपत्तियों के बंटवारे के लिए हुए आपसी समझौते (आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट) में प्रतिमा देवी को शामिल नहीं किए जाने पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले में कानूनी विवाद बढ़ गया।

10 सितंबर को अगली सुनवाई

पिछली सुनवाई पर प्रतिमा देवी के आवेदन पर सभी पक्षों ने जवाब पेश कर दिए थे। मंगलवार को इन आवेदनों पर बहस होनी थी, लेकिन सभी पक्ष बहस के लिए तैयार नहीं थे। इसके चलते बहस नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। ज्ञात हो कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे की ओर से प्रतिमा देवी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग भी की गई है। इन आवेदनों पर भी अगली सुनवाई में बहस होगी।

पिछली सुनवाई में ये हुआ था

वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने पिछली सुनवाई में कोर्ट को बताया था कि बंटवारे की प्रक्रिया के दौरान प्रतिमा देवी की मौजूदगी और उनकी लिखित सहमति रिकॉर्ड में है, दस्तावेज पर उनके हस्ताक्षर भी हैं। बंटवारे के दौरान हस्ताक्षर किए जाने का फोटो भी कोर्ट में पेश किया गया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से भी जवाब पेश किया जा चुका है, जिसमें कहा गया है कि बंटवारा कानून के तहत हुआ है।

Updated on:
25 Aug 2026 09:59 pm
Published on:
25 Aug 2026 09:59 pm