मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। जिले के 3 लाख 21 हजार 817 मतदाता चुनाव आयोग के लॉजिकल एरर के रडार पर आ गए हैं।
ग्वालियर. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। जिले के 3 लाख 21 हजार 817 मतदाता चुनाव आयोग के लॉजिकल एरर के रडार पर आ गए हैं। इन मतदाताओं के डेटा में विसंगतियां मिली हैं। अब आयोग ने निर्देश दिए हैं कि इन सभी मतदाताओं को नोटिस जारी कर तलब किया जाए। इन लोगों को सुनवाई अधिकारी के सामने उपस्थित होकर अपनी नागरिकता और सही जानकारी के सबूत पेश करने होंगे। इस सुनवाई के लिए प्रशासन को करीब 200 अधिकारियों और कर्मचारियों की फौज उतारनी पड़ेगी।
ये हैं अजीब गलतियां: सर्वे में खुली पोल
मतदाता सूची को डिजिटल करने की जल्दबाजी में बीएलओ और डेटा एंट्री लेवल पर ऐसी गलतियां हुई हैं, जिन्हें देख आयोग भी हैरान है।
-उम्र का अंतर: 1 लाख 34 हजार मतदाता ऐसे हैं, जिनके और उनके माता-पिता की उम्र में 15 साल से भी कम का अंतर दर्ज है। वहीं, 50 हजार मामलों में यह अंतर 50 साल से अधिक है।
-दादी-पोते का गणित: 38 हजार मामलों में दादा-दादी और पोते-पोतियों की उम्र में 40 साल से कम का अंतर पाया गया है।
-बच्चों की संख्या: जिले के 52 हजार मतदाता ऐसे दर्ज हैं, जिनके 6 से अधिक बच्चे बताए गए हैं।
-जेंडर का झोल: 74 हजार 353 मतदाताओं का जेंडरनाम के विपरीत दर्ज है (नाम पुरुष का, लिंग महिला दर्ज)।
बीएलओ देंगे नोटिस
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया के अनुसार, जिन मतदाताओं के डेटा में लॉजिकल एरर है, उन्हें बीएलओ के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं। मतदाताओं के पास दो रास्ते होंगे—या तो वे रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास सुनवाई में उपस्थित हों या बीएलओ स्तर पर दस्तावेजी प्रमाण देकर सुधार करवाएं। बता दें कि 4 नवंबर से शुरू हुए इस अभियान में 18 दिसंबर तक डेटा फीडिंग का काम हुआ था, जिसमें भारी गलतियां रह गईं।
छह विधानसभा में इतने मतदाताओं के मतों में गलती
विधानसभा लॉजिकल क्षेत्र डिस्क्रेपेंसी
ग्वालियर ग्रामीण 25.13
ग्वालियर 35.82
ग्वालियर पूर्व 33.23
ग्वालियर दक्षिण 27.12
भितरवार 31.95
डबरा 26.78
(इन मतदाताओं के डेटा में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी है प्रतिशत में)