6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP के ग्वालियर में बड़ा हादसा: फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट, मजदूरों की चीख-पुकार से मचा हड़कंप

Gwalior Spring Factory Blast: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा एलपीजी पाइपलाइन प्रणाली को संभालने में लापरवाही के कारण हुआ माना जा रहा है। हालांकि आग और विस्फोट के सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

2 min read
Google source verification
Railway Spring Factory Accident

ग्वालियर के रेलवे स्प्रिंग कारखाने में भयंकर विस्फोट, झुलसे 5 मजदूर (इमेज सोर्स:ANI)

Railway Spring Factory Accident: ग्वालियर में गुरुवार शाम उस समय (6:30 से 7:00 बजे के बीच) हड़कंप मच गया जब सिथौली रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे स्प्रिंग निर्माण फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हो गया। तेज आवाज के साथ हुए इस विस्फोट ने फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मचा दी।

हादसे में पांच मजदूर बुरी तरह घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। धमाका इतना तेज था कि पास में काम कर रहे कर्मचारियों के होश उड़ गए… चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस टीम तेजी से घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। विस्फोट कैसे हुआ, इसके कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

दो की हालत गंभीर

घायल कर्मचारियों के नाम कौशल श्रीवास्तव, योगेश, शब्बीर, हेमंत चौबे और अमर सिंह बताए गए हैं। हादसे के बाद सभी को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल ये पांचों ग्वालियर के आईटीएम अस्पताल में भर्ती हैं।

आईटीएम अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, सभी मजदूरों को इमरजेंसी में लाया गया था। इनमें से दो लोगों की हालत ज्यादा गंभीर है, जिनका खास निगरानी में इलाज किया जा रहा है।

विस्फोट का कारण?

शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि फैक्ट्री में एलपीजी पाइपलाइन को ठीक से नहीं संभालने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि अभी तक आग और विस्फोट की सही वजह स्पष्ट नहीं है। फैक्ट्री के बड़े अधिकारियों ने भी फिलहाल कारण पर कोई बयान नहीं दिया है।

झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया कि धमाका होते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरी जगह का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। जल्द ही तकनीकी विशेषज्ञ और फॉरेंसिक टीमें भी फैक्ट्री का दौरा करेंगी ताकि सटीक कारण पता लगाया जा सके।

स्थानीय प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे जांच में पूरा सहयोग करें और घायल कर्मचारियों को उचित इलाज और आर्थिक मदद उपलब्ध कराएं। वहीं औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी जैसी खतरनाक गैसों से जुड़े कारखानों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है। पाइपलाइनों का नियमित चेक-अप, मशीनों की देखभाल और कर्मचारियों को समय-समय पर सुरक्षा प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है, वरना ऐसे हादसे कभी भी बड़ा रूप ले सकते हैं।