Health News: जेएएच में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रामरावत कहते हैं, सर्दियों के मौसम में उन लोगों को लापरवाही नहीं बरतना चाहिए, जिनका ब्लड प्रेशर बढ़ता घटता है।
Health News: कड़कड़ाती सर्दी सेहत पर असर डाल रही है। इससे अस्पतालों में सर्दी, जुकाम के मरीज बढ़ने के साथ ही हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। जेएएच में ऐसे मरीजों की संख्या करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ गई है। चिकित्सकों के अनुसार इनमें ज्यादातर मरीज वह है जिन्हें ब्लड प्रेशर की शिकायत है, लेकिन उसकी दवा नियमित नहीं खा रहे हैं।
सर्दी बढ़ने से उनका बीपी भी बढ़ा है, इससे उन्हें ब्रेन और हार्ट स्ट्रोक की समस्या हुई है। जेएएच के न्यूरोलॉजी के अलावा शहर के निजी अस्पतालों में भी ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं।
जेएएच में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रामरावत कहते हैं, सर्दियों के मौसम में उन लोगों को लापरवाही नहीं बरतना चाहिए, जिनका ब्लड प्रेशर बढ़ता, घटता है। इन्हें नियमित तौर पर बीपी की जांच कराना चाहिए और दवा लेना चाहिए। लेकिन अक्सर लोग कुछ दिन बीपी की दवा लेने के बाद यह मानते हैं कि ब्लड प्रेशर कंट्रोल में है, अब दवा की जरूरत नहीं है।
यह लापरवाही घातक साबित होती है। सर्दी में ऐसे मरीजों का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने से उन्हें हार्ट, ब्रेन स्ट्रोक के साथ लकवा लगने का खतरा रहता है। डॉ. रावत का कहना है पिछले दिनों सर्दी में तेजी आने के बाद जेएएच में ऐसे मरीजों की संख्या में करीब 15 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है।
अचानक भ्रम: अचानक भ्रमित होना, सोचने या समझने में कठिनाई.
दृष्टि में बदलाव: एक या दोनों आँखों से अचानक धुंधला दिखना, डबल दिखना, या दृष्टि खोना.
चलने में दिक्कत: अचानक चक्कर आना, संतुलन खोना, या अस्थिर महसूस करना.
भयंकर सिरदर्द: किसी ज्ञात कारण के बिना अचानक बहुत तेज सिरदर्द होना