ग्वालियर

रेलवे का कमाल…..जहां पटरी नहीं वहां टिकट हो रही बुक

Indian Railways: भारतीय रेलवे भी कमाल हैं। जहां रेल की पटरियां ही नहीं बिछी, वहां पर वर्षों से रेलवे के टिकट यात्रियों के लिए मुहैया कराए जा रहे हैं। तो दूसरी ओर जहां पर स्टेशन है, वहां यात्रियों को रिजर्वेशन टिकट की सुविधा नहीं है।

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Apr 17, 2025

Indian Railways: झांसी रेल मंडल के कई स्टेशनों की हालात सही नहीं हैं। इसमें मुरैना के पास अंबाह, श्योपुर और यूपी के हमीरपुर स्टेशन के पास राठ है। यहां पर दूर-दूर तक रेलवे की लाइन नहीं है, लेकिन रिजर्वेशन काउंटरों से टिकटे विक्रय की जाती हैं। वहीं गोहद, सोनी और मालनपुर ऐसे स्टेशन हैं जहां कई एक्सप्रेस ट्रेनें रुकती हैं लेकिन लोगों को रिजर्वेशन सुविधा नसीब नहीं हो सकी है।

काउंटर खुले लेकिन श्योपुर में ट्रेन नहीं पहुंची

ग्वालियर-श्योपुर के बीच लगभग सौ साल से नैरोगेज ट्रेन का संचालन होता था। कोरोना काल के समय 2020 में इसे बद्द कर दिया गया। उसके बाद से ब्रॉडगेज लाइन का काम चल रहा है। पांच साल में श्योपुर से लगभग सौ किमी पहले कैलारस तक ब्रॉडगेज लाइन पहुंची। इधर, श्योपुर में रिजर्वेशन काउंटर खोल दिया। रेलवे ने कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई। वहीं राठ में सांस की मांग पर 2006 में रिजर्वेशन काउंटर खोल दिया गया, लेकिन ट्रेनें नहीं चलीं।

रिजर्वेशन कराने दूसरे शहर जाते हैं

इस मामले में भिंड सांसद संध्या राय ने कहा कि 'ग्वालियर-चंबल संभाग में गोहद, सोनी और मालनपुर ऐसे स्टेशन हैं, जहां यात्रियों को रिजर्वेशन टिकट ही नहीं मिलती। यहां भिंड-रतलाम इंटरसिटी, इटावा कोटा एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनों का ठहराव है। इन स्टेशनों से प्रतिदिन 500 यात्री ट्रेनों का सफर करते हैं। फिर भी रिजर्वेशन के लिए यात्रियों को दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। जब ट्रेनों का ठहराव है तो यहां पर रिजर्वेशन की भी सुविधा मिलना चाहिए। इसके लिए क्षेत्र के लोगों से चर्चा कर रेल मंत्री को पत्र लिखकर आवश्यक पहल करेंगे।'

वहीँ झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि 'यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने रिजर्वेशन केंद्र बनाए हैं। कुछ स्टेशनों पर जनरल टिकट ही मिलती है। इसको लेकर आगामी कार्य योजना बनाएंगे।'

Published on:
17 Apr 2025 07:45 am
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