मौसम में हो रहे बदलाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अस्पतालों में नसों में ङ्क्षखचाव, मांसपेशियों में दर्द और जकडऩ की शिकायत लेकर
ग्वालियर. मौसम में हो रहे बदलाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अस्पतालों में नसों में ङ्क्षखचाव, मांसपेशियों में दर्द और जकडऩ की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में शरीर में पानी और नमक की कमी के कारण यह समस्या अधिक बढ़ जाती है। दर्द से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में मरीज फिजियोथेरेपी का सहारा ले रहे हैं। हालात यह हैं कि इन दिनों जेएएच की फिजियोथेरेपी ओपीडी में मरीजों की संख्या बढकऱ करीब 125 प्रतिदिन तक पहुंच गई है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
चिकित्सकों का कहना है कि एक सामान्य व्यक्ति को दिनभर में कम से कम तीन से चार लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। मौसम बदलते ही लोग पानी की मात्रा कम कर देते हैं, जिससे मांसपेशियों और जोड़ों की परेशानी बढ़ जाती है। जो लोग पहले से ही दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें सर्दी की शुरुआत में अधिक परेशानी हो रही है। आने वाले दिनों में ठंड बढऩे के साथ यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
पहले जहां फिजियोथेरेपी ओपीडी में 50 वर्ष से अधिक उम्र के मरीज ज्यादा पहुंच रहे थे, वहीं अब बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं। बदलते मौसम के चलते मांसपेशियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं हर आयु वर्ग को प्रभावित कर रही हैं।
मौसम बदलते ही मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों का दर्द बढ़ जाता है, सर्दी के मौसम में लोग पानी कम पीते हैं, यही परेशानी की बड़ी वजह है। ऐसे अधिकतर मरीज अब फिजियोथेरेपी के लिए आ रहे हैं। इस मौसम में विशेष देखरेख जरूरी है।
डॉ. वैभव चौबे, फिजियोथेरेपिस्ट, जीआरएमसी