- पुलिस ने पीड़ित के ऊपर राजीनामा न करने पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा किया दर्ज - पीड़ित दम्पत्ति तहसील दिवस में अफसरों के यहां लगाते रहे गुहार
हमीरपुर. जनपद के थाना ललपुरा के स्वासा बुजुर्ग गांव में दबंगों के हाथों बुरी तरह से पिटे दम्पत्ति की रिपोर्ट लिखने के बजाए थाना पुलिस ने पीड़ित के ऊपर राजीनामा न करने पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा ठोक दिया। पीड़ित दम्पत्ति मंगलवार को जिला स्तरीय तहसील दिवस में अफसरों के यहां गुहार लगाते घूमते रहे। यहां मौजूद थानाध्यक्ष ललपुरा ने फिर से धमकाने की कोशिश भी की।
ये है पूरा मामला
स्वासा बुजुर्ग गांव निवासी भगवती प्रसाद ने बताया कि 12 जुलाई की रात को गांव के श्रीराम , शिवराम और इनके परिवार के अन्य लोगों ने धारदार हथियारों से लैस होकर उसके घर पर हमला बोला था। उस वक्त वह खाना खा रहा था।घर मे घुसकर उक्त लोगों ने उसे मारापीटा था। बीचबचाव को पहुंची पत्नी वेदवती की भी पिटाई की थी। जिससे दोनों लोग लहूलुहान हो गए थे। घटना की तहरीर 13 जुलाई को थाने में दी गई थी। लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट नही लिखी।
पुलिस ने दलित उत्पीड़न में फसाने की दी धमकी
पीड़ित भगवती प्रसाद ने बताया कि 15 जुलाई को थानाध्यक्ष ने थाने बुलाया और पचास हजार रुपए लेकर समझौता करने का दबाव बनाया। जब उसने इनकार किया तो ऊसर दलित उत्पीड़न में फसाने की धमकी भी दी इसके बाद वह थाने से वापस चला आया। बाद में पता चला कि उसके खिलाफ दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का दिया आश्वासन
पीड़ित दम्पति आज जिला स्तरीय तहसील दिवस में फरियाद लेकर पहुंचे डीएम एसपी को प्रार्थना पत्र देकर थाना पुलिस पर गम्भीर आरोप लगाए। दोनों अधिकारियों ने जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिकायत कर बाहर निकले भगवती प्रसाद का फिर से थानाध्यक्ष ललपुरा से सामना हुआ। उसका आरोप है कि यहां भी थानाध्यक्ष उसे बराबर धमकाता रहा।