हनुमानगढ़

कहीं भवन की हालत जर्जर तो कहीं शौचालय नहीं, गंदगी की भरमार में पल रहा देश का भविष्य

केंद्र की हालत से वार्ड पंच एवं ग्राम पंचायत को अवगत करवाया जा गया है। उनके स्तर पर प्रयास होने से ही हालत सुधर सकते हैं।

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डबलीराठान। कहीं भवन के जर्जर हालात, कहीं शौचालय खस्ता हाल में, तो कहीं टूटी चारदीवारी और कहीं गंदगी की भरमार ये है कस्बे के आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत। ऐसी दयनीय स्थिति में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों पर देश का भविष्य पल बढ़ रहा है। इतना ही नहीं इसी गंदगी के बीच आंगनबाड़ी केंद्रों में हर सप्ताह गर्भवती महिलाओं और नोनिहालों का स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण करता है। ये तस्वीरें पत्रिका संवावदाता ने इन केंद्रों की पड़ताल के दौरान ली।

20 साल पहले बने हैं भवन-

बता दें कि कस्बे में महिला एवं बाल विकास की ओर से आठ आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। चार केंद्र कस्बे के राजकीय विद्यालयों में और एक केंद्र चक 2 डीबीएल में चल रहा है। जबकि बाकी के केंद्रों में वार्ड, जहां एक में आदर्श घोषित आंगनबाड़ी की सबसे ज्यादा खराब है। यहां 20 साल पहले बने भवन जर्जर हालत में है। भवन की चारदीवारी टूट चुकी है। टूटीफूटी चारदीवारी के साथ गंदगी की भरमार है। जर्जर चारदीवारी के साथ आस पड़ोस के लोगों ने उपले थाप कर और घरों का कूड़ा डालकर इसे कचराघर बना दिया है। इस भवन के परिसर में वर्षों पहले बनी पानी की डिग्गी जर्जर अवस्था में छोटे बच्चों के लिए खतरा बनकर हादसों को निमंत्रण दे रही है।

यहां कार्यकर्ता आशा अग्रवाल ने बताया कि केंद्र की हालत से वार्ड पंच एवं ग्राम पंचायत को अवगत करवाया जा गया है। उनके स्तर पर प्रयास होने से ही हालत सुधर सकते हैं। वार्ड 25 का केंद्र भी काफी दयनीय स्थिति में है। यहां तक की जर्जर शोचालयों पर लम्बे समय से ताला लगा हुआ है। स्टाफ और बच्चों के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है। केंद्र पर आने वाले बच्चे खुले में ही पेशाब और शौच करते हैं। जबकि स्टाफ पड़ोस के घरों के शैचालय का इस्तेमाल करते हैं। इस केंद्र की चार दिवारी नहीं होने से चारों ओर गंदगी फैली रहती है।

दरारें निर्माण कार्य पर उठा रही अंगुली-

एक और कार्यकर्ता ने बताया कि पंचायत को इन हालातों से अवगत करया जा चुका है। वार्ड 10 का केंद्र आदर्श आंगनबाड़ी पाठशाला बन चुका है। यहां भवन के रंग रोगन करवा दिया है लेकिन चारदीवारी के अभाव में पशुओं का जमावाड़ा रहने से गंदगी फैलती है। वार्ड 4 में नया आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाया गया है। संस्कृत पाठशाला के पास बने इस भवन का प्रवेश द्वार अभी तक नहीं लगाया गया है। नवनिर्मित भवन में दरारें साफ नजर आ रही हैं जिससे ग्रामीण निर्माण कार्यों पर अंगुली उठा रहे हैं।

वहीं इस केंद्र के बच्चों को संस्कृत पाठशाला में ही बैठाया जा रहा है। बेरी वाले जोहड़ के पास के आंगनबाड़ी केंद्र की खस्ताहाल के कारण उसे बाजार में स्थित प्राथमिक विद्यालय के एकीकरण से खाली हुए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है जबकि यहां पहले से ही वार्ड 7 का केंद्र चल रहा है। अब एक ही परिसर में दो केंद्र चलने सेे बेरीवाले जोहड़ के समीप एरिया के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ती है।

इनका कहना है-

आंगनबाड़ी केंद्रो की इन हालातों के बारे में सरपंच करमाबानो के प्रतिनिधि बालेखां ने पत्रिका को बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत एवं चारदीवारियों के प्रस्ताव ले रखे हैं। वार्ड एक केंद्र की अनुपयोगि डिग्गी को मिट्टी डलवाकर भरवा दिया जाएगा। पंचायत को केंद्रों की हालात की जानकारी है, और हम सुधार के लिए प्रयासरत हैं। जनवादी महिला समिति की प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकला वर्मा ने दुदर्शा का दंश झेल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को भविष्य और महिलाओं का स्वास्थ्य सुरक्षित नहीं है। विभाग और पंचायत को इसके लिए वर्क प्लान बनाकर सुधार करना चाहिए।

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Published on:
16 Jan 2018 07:45 pm
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