हनुमानगढ़

Hanumangarh: परिजनों की प्रताड़ना से परेशान बुजुर्गों ने लगाई मदद की गुहार, बढ़े मामले

Hanumangarh News: अपनों से जख्म खाए ऐसे बुजुर्ग कभी एसपी तो कभी कलक्टर दफ्तर जाकर मदद की गुहार लगा रहे हैं। पिछले डेढ़ माह में ही पांच बुजुर्ग बहू-बेटों की प्रताड़ना से तंग होकर मदद मांगने आ चुके हैं। यह तो केवल वह घटनाएं हैं जो सामने आ गई, अधिकांश बुजुर्गों की पीड़ा तो घर की चारदीवारी के भीतर ही घुटकर रह जाती है।
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हनुमानगढ़ में सम्पत्ति को लेकर बुजुर्गों से मारपीट, प्रताड़ना के बढ़ रहे मामले
हनुमानगढ़ कार्यालय जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, पत्रिका फाइल फोटो

Hanumangarh News: अपनों से जख्म खाए ऐसे बुजुर्ग कभी एसपी तो कभी कलक्टर दफ्तर जाकर मदद की गुहार लगा रहे हैं। पिछले डेढ़ माह में ही पांच बुजुर्ग बहू-बेटों की प्रताड़ना से तंग होकर मदद मांगने आ चुके हैं। यह तो केवल वह घटनाएं हैं जो सामने आ गई, अधिकांश बुजुर्गों की पीड़ा तो घर की चारदीवारी के भीतर ही घुटकर रह जाती है।

ज्यादातर बुजुर्ग सामाजिक बदनामी, पारिवारिक टूटन और बच्चों के भविष्य की चिंता के कारण प्रताड़ना सहने के बावजूद शिकायत नहीं करते। हालांकि पुलिस कानूनी कार्रवाई के साथ ही मानवीयता के लिहाज से भी बुजुर्गों की सहायता करने का प्रयास करती है। गत दिनों एसपी नरेन्द्रसिंह मीणा ने पीलीबंगा और तलवाड़ा झील थाना क्षेत्र के ऐसे 2 मामलों में बुजुर्गों को राहत दिलाई थी।

कानून देता सुरक्षा का अधिकार

माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007 के तहत बुजुर्ग अपने बच्चों से भरण-पोषण मांग सकते हैं। यदि संतान संपत्ति लेने के बाद माता-पिता की देखभाल नहीं करती तो संपत्ति वापस लेने का भी प्रावधान है। वरिष्ठ नागरिक हनुमानगढ़ जिला स्तरीय ट्रिब्यूनल में आवेदन कर राहत पा सकते हैं। पुलिस और प्रशासन को भी ऐसे मामलों में त्वरित सहायता देने के निर्देश हैं।

गत डेढ़ माह के मामले : मिला दर्द तो लगाई गुहार

  • करीब 100 वर्षीय बुजुर्ग महेंद्र सिंह निवासी कालीबंगा ने 12 मई को एसपी से मिलकर बताया कि पोता उनकी कृषि भूमि पर कब्जा करना चाहता है। विरोध करने पर मारपीट की तथा कमरे में बंद कर भूखा रखा।
  • मिर्जावाली निवासी राम सिंह ने भी 12 को एसपी से मिलकर बताया कि पुत्र जमीन को लेकर उसे और उसकी बीमार पत्नी को परेशान कर रहा है।
  • अराईयावाली निवासी वृद्धा चावली देवी ने 14 को पुलिस व प्रशासन को शिकायत दी थी कि उसका बड़ा पुत्र मकान पर कब्जा करने की मंशा से परेशान करता है। उसने घर से जेवरात भी चुरा लिए। उसका छोटा पुत्र दिल का मरीज है। दोनों की देखभाल पुत्री व दोहिता करते हैं। पूर्व में टाउन पुलिस की मदद से मकान पर पुन: कब्जा मिल सका था।
  • 21 मई को हनुमानगढ़ जिला न्यायालय परिसर से अपहरण के प्रयास व गोली मारने की धमकी देने के आरोप में 74 वर्षीय बलराम बागड़वा निवासी वार्ड चार, पीलीबंगा ने अपने पुत्र सहित कई जनों के खिलाफ जंक्शन थाने में मामला दर्ज कराया था।

बेटों व बेटियों ने बनवाया बंधक

सम्पत्ति के लिए पिता को नशा मुक्ति केन्द्रों में बंधक बनवाने के मामले भी कुछ साल पहले सामने आ चुके हैं जिनमें हनुमानगढ़ टाउन थाना पुलिस ने कार्रवाई कर 2 बुजुर्गों को मुक्त कराया था। 70 वर्षीय तथा 65 वर्षीय बुजुर्ग ने पुत्रियों, दामाद तथा पुत्रों पर जमीन के लिए जबरन भर्ती कराने व बंधक बनाकर यातना देने के आरोप लगाए थे।

पुलिस सहायता के लिए तत्पर

बुजुर्गों को प्रताड़ित करने के 2 मामले गत दिनों सामने आए तो तत्काल संबंधित थाना प्रभारियों को कार्रवाई का आदेश दिया। पुलिस सहायता के लिए तत्पर है। थाना प्रभारियों को भी संवेदनशीलता से ऐसे मामलों में शीघ्रता से न्यायोचित कार्रवाई के लिए कह रखा है। -नरेन्द्रसिंह मीणा, जिला पुलिस अधीक्षक

ली जाए कानून की शरण

अगर कोई मकान वगैरह माता-पिता अपनी संतान के नाम कर दे और बाद में संतान माता-पिता को प्रताड़ित करे एवं भरण-पोषण आदि ना करे तो संपत्ति वापस ली जा सकती है। न्यायालय के आदेश पर रजिस्ट्री खारिज हो सकती है। लोगों को इसका पता नहीं होने के कारण अक्सर बुजुर्ग प्रताड़ना व अपमान सहने को विवश हो जाते हैं। उनको कानून की शरण लेनी चाहिए ताकि सम्मान से जीवन जी सके। -एडवोकेट राहुल बिस्सा

Updated on:
27 May 2026 12:50 pm
Published on:
27 May 2026 12:12 pm
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