हनुमानगढ़

भाखड़ा रेग्यूलेशन कमेटी की बैठक में 24 मार्च तक का रेग्यूलेशन मंजूर, सादुलशहर विधायक ने उठाया नहरी पानी चोरी का मुद्दा

हनुमानगढ़. भाखड़ा रेग्यूलेशन कमेटी की अहम बैठक शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। इसमें रबी सीजन में फसलों की बिजाई के लिए सिंचाई पानी का निर्धारण किया गया।

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भाखड़ा रेग्यूलेशन कमेटी की बैठक में 24 मार्च तक का रेग्यूलेशन मंजूर, सादुलशहर विधायक ने उठाया नहरी पानी चोरी का मुद्दा

हनुमानगढ़. भाखड़ा रेग्यूलेशन कमेटी की अहम बैठक शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। इसमें रबी सीजन में फसलों की बिजाई के लिए सिंचाई पानी का निर्धारण किया गया। किसान नेताओं ने भाखड़ा परियोजना में 1600 क्यूसेक पानी चलाने की मांग रखी। इस दौरान नहरों की क्षमता का हवाला देते हुए अधिकारियों ने वर्तमान परिस्थिति में इतना पानी चलाने में असमर्थता जताई। इसके बाद सबकी सहमति से 24 मार्च तक लगातार भाखड़ा परियोजना की नहरों में 1200 क्यूसेक पानी चलाने तथा सरहिंद फीडर से अतिरिक्त पानी मिलने की स्थिति में बैलेंस का पानी चलाने पर सहमति बनी। जल संसाधन विभाग रेग्यूलेशन खंड के अधीक्षण अभियंता रामाकिशन ने बताया कि भाखड़ा परियोजना के लिए गत वर्ष राजस्थान को 1 लाख 88 हजार क्यूसेक पानी मिला था। इस बार राजस्थान को कुल दो लाख 27 हजार क्यूसेक पानी मिला है। ऐसे में पानी की ज्यादा कमी नहीं है। इसलिए भाखड़ा परियोजना के लिए 24 मार्च तक 1200 क्यूसेक पानी का रेग्यूलेशन स्वीकृत किया गया है। इस रेग्यूलेशन को प्रभावी रूप से चलाने में ड्राइ सीजन में करीब 13 प्रतिशत का रिस्क रहेगा। सादुलशहर विधायक गुरवीर सिंह, सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर, संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनियां, कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, किसान नेता ओम जांगू, विनोद धारणियां, दयाराम जाखड़, अशोक चौधरी, भाखड़ा प्रोजेक्ट के मनप्रीत सिंह, केसी गोदारा आदि मौजूद रहे। इस बार भाखड़ा बांध में अपेक्षित पानी की आवक हुई है। इससे पानी की ज्यादा कमी नहीं है। ऐसे में किसानों को रबी फसलों की बिजाई के लिए मांग के अनुसार पानी मिल सकेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि कोर्ट स्टे वाले मोघों पर विभाग की ओर से प्रभावी पैरवी कर संशोधित पी-फॉर्म अनुसार पानी लगाया जाए। खालों की सफाई काश्तकारों की ओर से सुनिश्चित की जाए। सादुलशहर विधायक गुरवीर सिंह बराड़ ने नहरों में पानी चोरी की घटनाओं का मुद्दा उठाया।

नहरों के पुननिर्माण की मांग
भाखड़ा रेग्यूलेशन कमेटी की बैठक में किसान नेता ओम जांगू ने कहा कि भाखड़ा परियोजना की सादुल ब्रांच तथा करणी सिंह ब्रांच को बने हुए करीब 65 वर्ष बीत गए हैं। इन नहरों के पुननिर्माण की आवश्यकता है। ताकि तय डिजाइन के अनुसार इन नहरों में क्षमतानुसार पानी चलाया जा सके। किसान नेताओं ने भाखड़ा नहरों में 1600 क्यूसेक का रेग्यूलेशन निर्धारित करके पानी चलाने की मांग रखी थी। परंतु नहरों की स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से क्षमता अनुसार पानी चलाने में असमर्थता जताई। विभागीय प्रस्ताव के अनुसार 21 सितंबर 2025 से 24 मार्च 2026 तक 1200 क्यूसेक पानी लगातार चलाया जाएगा। इसके बाद 24 मार्च से 20 अप्रेल 2026 तक नहर बंदी रहेगी। जबकि 20 अप्रेल से 20 मई 2026 तक पेयजल के लिए 600 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जाएगा।

पाकिस्तान जा रहे पानी को रोकने की मांग
किसान प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान जा रहे पानी का मुद्दा बैठक में उठाया। इस दौरान कुछ किसान नेताओं ने कहा कि यहां हमारी नहरें क्षमता के अनुसार पानी नहीं ले रही है, जबकि पाकिस्तान की मौज हो रही है। वहां पानी धड़ल्ले से हम भेज रहे हैं। पाकिस्तान जा रहे पानी को रोकने के लिए ठोस योजना बनाने की मांग की। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सादुल ब्रांच को मौका स्थिति व पानी उपलब्धता के अनुसार पूर्ण क्षमता से चलाया जाएगा। साथ ही, पीबीएन और एलजीडब्ल्यू वितरिका को समान रूप से बैलेंस पानी आवंटित करने का निर्णय लिया गया।

Published on:
17 Oct 2025 06:57 pm
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