
डबलीराठान (हनुमानगढ़). पंचायत चुनाव में जीत के लिए कई जगह उम्मीदवार महीनों दौड़ते हैं, घर-घर जाकर समर्थन मांगना पड़ता है और सैकड़ों वोट जुटाने होते हैं लेकिन डबलीवास कुतुब ग्राम पंचायत के वार्ड 4 में हालात कुछ अलग ही हैं। यहां कुल मतदाता सिर्फ 11 हैं। यानी जो भी उम्मीदवार इन 11 मतदाताओं में से महज छह मतदाताओं का भरोसा जीत लेगा, वह वार्ड पंच बन जाएगा। यह सुनने में अविश्वसनीय लगता है, पर मतदाता सूची में यही दर्ज है। वार्ड 4 की यह संख्या इस पंचायत के अन्य वार्डों की तुलना में इतनी कम है कि इसे 'चुनावी चमत्कार' कहा जा सकता है। यहां न बड़ी जनसभाएं चाहिए, न विशाल दौड़-धूप। महज छह मतदाताओं से सीधा संवाद और उनका समर्थन और बन गए वार्ड पंच।
निर्वाचन विभाग की ओर से पंचायत चुनाव की वार्डवार जारी मतदाता सूची में वार्ड 4 की मतदाता संख्या पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि वार्ड 4 के इन 11 मतदाताओं में से कौन उम्मीदवार बनता है और कौन-सा उम्मीदवार इन्हें अपने पक्ष में करके 'सबसे छोटे वार्ड' का पंच बनता है।
हनुमानगढ़ जिले की डबली बास कुतुब पंचायत में वार्ड गठन में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भारी अनियमितताएं बरती हैं। वार्ड गठन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो तो बड़ा खुलासा भी हो सकता है।
डबली बास कुतुब पंचायत में कुल नौ वार्ड हैं और सभी वार्डों में कुल 1741 मतदाता हैं। सबसे बड़ा वार्ड तीन है जहां 350 मतदाता हैं। वहीं वार्ड 4 में केवल 11 मतदाता हैं। इसी पंचायत के वार्ड 5 में 36 और वार्ड 6 में 87 मतदाता हैं। वार्ड 4 की तुलना में ये संख्याएं भी काफी अधिक हैं।
इससे साफ है कि एक ही पंचायत के वार्डों में मतदाता संख्या का अंतर कितना बड़ा है। वार्ड 4 में उम्मीदवारी का गणित बेहद सरल है। यहां जीत के लिए अधिकतम 6 वोट चाहिए, लेकिन यह भी सच है कि इतने कम मतदाताओं में हर एक वोट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
डबली बास कुतुब पंचायत में वार्ड गठन में मतदाताओं की संख्या में भारी अंतर है। इसकी निष्पक्ष जांच करवाएंगे और कोई अधिकारी-कर्मचारी दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।— उम्मेदी लाल मीणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर, हनुमानगढ़।