हनुमानगढ़

Hanumangarh : विधायक गणेशराज बंसल के खिलाफ मामला दर्ज, सीआईडीसीबी करेगी जांच, जानें क्या है मामला?

Hanumangarh : हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल सहित कई अन्य व्यक्तियों के खिलाफ प्लॉट में घुसने, तोड़फोड़ व धमकाने के आरोप में मंगलवार को जंक्शन थाने में मामला दर्ज किया गया।
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Hanumangarh : विधायक गणेशराज बंसल। फाइल फोटो पत्रिका

Hanumangarh : हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल सहित कई अन्य व्यक्तियों के खिलाफ प्लॉट में घुसने, तोड़फोड़ व धमकाने के आरोप में मंगलवार को जंक्शन थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार शिकायत 24 सितंबर को दी गई थी। जांच के बाद मामला दर्ज किया गया। चूंकि आरोपी वर्तमान में विधायक है, इसलिए विभागीय प्रावधानों के तहत अनुसंधान सीआईडीसीबी जयपुर से कराया जाएगा। अधिवक्ता हरबंशसिंह चंदी पुत्र मेहर सिंह निवासी सिविल लाइन, जंक्शन ने पुलिस को बताया कि जंक्शन के मिनी सचिवालय क्षेत्र में एच-39 प्लॉट उसके और एच-40 व एच-41 उसकी पत्नी सरणपाल कौर के नाम नीलामी में खरीदे गए थे।

नगर परिषद ने वर्ष 2022 में तीनों भूखंडों पर अपना कब्जा बताते हुए बोर्ड लगा दिए थे। इसको लेकर शिकायतकर्ता ने न्यायालय में वाद दायर किए थे। पुलिस जांच रिपोर्ट के अनुसार एच-39, एच-40 व एच-41 पर न्यायालय से 22 अक्टूबर 2022 और 29 मार्च 2023 को अंतरिम आदेश प्रभावी हैं।

विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी

आरोप है कि वर्ष 2022 में तत्कालीन नगर परिषद सभापति गणेशराज बंसल ने बोर्ड हटाने के बदले तीनों प्लॉट किसी अन्य के नाम करवाने अथवा 10 लाख रुपए देने की मांग की थी। इसके बाद 13 जनवरी 2024 की रात विधायक तथा 8-10 अन्य लोग लाठी-डंडे लेकर उनके प्लॉट में जबरन घुस गए। चारदीवारी व कमरे का ताला तोड़ दिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस ने आरोपों के आधार पर बीएनएस की धाराओं 308(2), 329(4), 331(6), 324(4), 324(5), 191(2), 191(3) और 190 के तहत मामला दर्ज किया है।

एक-दूसरे मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली

हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया है। मामले में विधायक की ओर से अधिवक्ता कुणाल उपाध्याय ने पैरवी की। अदालत के समक्ष एफआईआर दर्ज किए जाने में हुई लंबी देरी और प्रकरण से जुड़ी परिस्थितियों को प्रमुखता से रखा गया।

मामला वर्ष 2003 में हुए कथित फर्जी पट्टा प्रकरण से जुड़ा बताया गया था। इस घटनाक्रम के करीब 23 वर्ष बाद वर्ष 2026 में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी प्रकरण में सीआईडी-सीबी ने गणेशराज बंसल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया था, जहां पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। बाद में जिला एवं सत्र न्यायालय से उन्हें जमानत भी मिल गई थी।

Updated on:
29 Sept 2026 07:32 pm
Published on:
29 Sept 2026 07:22 pm