इंदिरा गांधी मुख्य नर पर करीब छह दशक पहले बने अधिकतर ब्रिज अब जीर्णशीर्ण हो गए थे। जल संसाधन विभाग ने 52.65 करोड़ का बजट स्वीकृत करवाकर कार्य शुरू करवाया है।
हनुमानगढ़। इंदिरा गांधी नहर में इस समय बंदी चल रही है। इस अवधि में पुलों की चौड़ाई बढ़ाने तथा हैडों की रिपेयरिंग आदि के काम करवाए जा रहे हैं। पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में एक साथ क्लोजर लेकर उक्त कार्य करवाए जा रहे हैं।
राजस्थान व पंजाब भाग में करवाए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए मंगलवार को जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता (क्वालिटी कंट्रोल) जितेंद्र दीक्षित हनुमानगढ़ पहुंचे। उन्होंने मसीतांवाली हैड जाकर गेटों की रिपेयरिंग तथा बेड व साइड लाइनिंग के चल रहे कार्यों को देखा। मसीतांवाली हैड पर उक्त सभी कार्य के लिए करीब पांच करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
गौरतलब है कि नहर निर्माण के समय करीब 60 वर्ष पहले आवागमन के लिए नहरों पर पुराने घोड़ा पुल बनाए गए थे। यह अब काफी जर्जर हो चुके थे। इनकी जगह अब आधुनिक तकनीक से स्टील पिलर डालकर नए पुल बनाने का काम शुरू किया गया है। नए पुलों का आकार भी पहले की तुलना में बढ़ाने की बात अधिकारी कह रहे हैं। पूर्व में चौड़ाई काफी कम होने से यहां से सफर करना काफी असुरिक्षत हो गया था।
इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने ऐसे पंद्रह पुल के रीनोवेशन एवं मॉर्डनाइजेशन का कार्य न्यू डेवलपमेंट बैंक पोषित राजस्थान जल क्षेत्र पुर्नसंरचना परियोजना के अंतर्गत करने की योजना बनाई है। बंदी शुरू होते ही नहरों पर काम शुरू करवा दिए गए हैं। इनमें से 4 नए सिंगल-सिंगल स्पेन स्टील ब्रिज, 8 ब्रिज की स्लेब रिप्लेसमेंट कार्य तथा 3 ब्रिज की मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है।
इंदिरा गांधी मुख्य नर पर करीब छह दशक पहले बने अधिकतर ब्रिज अब जीर्णशीर्ण हो गए थे। कुछ ब्रिज ऐसे हैं जिन पर आवागमन भी बंद करवा दिया गया था। चालू बंदी के दौरान जल संसाधन विभाग ने 52 करोड़ 65 लाख का बजट स्वीकृत करवाकर कार्य शुरू करवाया है। नए 4 ब्रिज की चैड़ाई 3.75 मीटर से बढकऱ 7.50 मीटर की जाएगी। उक्त कार्य दो चरणों में पूर्ण किए जाएंगे।
राजस्थान भाग में क्लोजर दस मई को खत्म होने जा रहा है। इसलिए पुलों के पिलर आदि पर प्लास्टर करने तथा स्लोविंग कार्य पहले करवाए जा रहे हैं। ताकि बंदी खत्म होने के बाद रैलिंग आदि लगाने का काम करवाया जा सके।
इंदिरा गांधी नहर पर बनाए जा रहे नए पुल पहले की तुलना में काफी आकर्षक होंगे। दोनों साइड स्टील रैलिंग भी होगी। इससे वाहन चालक सुरक्षित सफर कर सकेंगे। पुराने पुल असुरक्षित हो गए थे। -प्रदीप रुस्तगी, मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़।