Indira Gandhi Canal : राजस्थान के इन 12 जिलों को बड़ी राहत मिली। राजस्थान के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए पंजाब ने 27 मार्च तक इंदिरा गांधी नहर की बंदी को टालते हुए इस अवधि में दस हजार क्यूसेक पानी पेयजल के लिए देने पर सहमति प्रदान कर दी है।
Indira Gandhi Canal : राजस्थान के करीब 12 जिलों की जनता ने राहत की सांस ली है। इंदिरा गांधी नहर में 45 दिन की बंदी तय हो गई है। राजस्थान के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए पंजाब ने 27 मार्च तक बंदी को टालते हुए इस अवधि में दस हजार क्यूसेक पानी पेयजल के लिए देने पर सहमति प्रदान कर दी है। पंजाब की इस सहमति के बाद प्रदेश के करीब बारह जिलों को राहत मिली है।
इंदिरा गांधी नहर से प्रदेश के उक्त बारह जिलों के करीब पौने दो करोड़ लोगों की प्यास बुझती है। इससे पहले पंजाब सरकार ने बीस मार्च से तीन मई तक 45 दिन की बंदी लेने का निर्णय किया था, लेकिन राजस्थान सरकार ने आगामी महीनों में पड़ने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल को प्राथमिकता देकर बंदी अवधि को 10 दिन आगे टालने का सुझाव पंजाब को दिया था। इसे पंजाब सरकार ने आंशिक रूप से मानते हुए अब 27 मार्च के बाद बंदी लेने का निर्णय किया है।
सात-आठ दिनों तक करीब दस हजार क्यूसेक पानी पेयजल के लिए मिलने से पीएचईडी की पेयजल डिग्गियों में पर्याप्त भंडारण हो सकेगा। इससे अप्रेल महीने में भीषण गर्मी के दौरान राजस्थान के उक्त बारह जिलों में पेयजल किल्लत की स्थिति को कम किया जा सकेगा।
बताया जा रहा है कि राजस्थान फीडर के पंजाब भाग में करीब सोलह किमी की रीलाइनिंग का काम होना है। इसके लिए पंजाब सरकार 28 मार्च से इंदिरागांधी नहर में बंदी लेगी। इस वजह से इंदिरा गांधी नहर में पानी का प्रवाह बंद करना पड़ेगा। बंदी के दौरान शुरू के पहले पंद्रह दिनों तक सरहिंद फीडर से कट लगाकर राजस्थान को पेयजल के लिए 1500 क्यूसेक पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।
इंदिरागांधी नहर से राजस्थान के 12 जिलों को जलापूर्ति हो रही है। इसमें हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर सहित अन्य जिले शामिल हैं।
जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के अधीक्षण अभियंता रामाकिशन ने बताया कि बंदी की स्थिति अब स्पष्ट हो गई है। नहरों में प्रवाहित पानी को पेयजल डिग्गियों में प्राथमिकता से भरवा रहे हैं। ताकि गर्मी में पेयजल किल्लत की स्थिति नहीं बने।