Kabaddi Rivalry Murder: हनुमानगढ़ जिले में भादरा थाना क्षेत्र के गांव कलाना में मोबाइल दुकान पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने षड्यंत्र और रैकी में शामिल 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश कर 30 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
Kabaddi Rivalry Murder: हनुमानगढ़ जिले में भादरा थाना क्षेत्र के गांव कलाना में मोबाइल दुकान पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने षड्यंत्र और रैकी में शामिल 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश कर 30 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं घटना का मुख्य आरोपी विशाल सहित अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
जिला पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सिंह मीणा के अनुसार 22 मई को शाम करीब 4 बजे कलाना गांव में मोबाइल दुकान पर फायरिंग की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी कर तलाशी अभियान चलाया तथा एफएसएल और एमओबी टीम से साक्ष्य जुटाए।
एसपी मीणा ने बताया कि मुख्य आरोपी विशाल धाणक और मृतक संदीप कबड्डी खेलते थे। कई दिन पहले खेल में वर्चस्व को लेकर उनके बीच विवाद हो गया था। विवाद ज्यादा बढ़ा तो ग्रामीणों व परिजनों ने पंचायती कर समझाइश की। विशाल धाणक ने उसी रंजिश की लेकर फायरिंग की वारदात को अंजाम दे दिया। गौरतलब है कि फायरिंग के बाद विशाल हनुमानगढ़िया के नाम की आईडी से सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वारदात की जिम्मेदारी ली गई थी।
एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि मुख्य आरोपी विशाल धाणक के खिलाफ हरियाणा के हिसार क्षेत्र में पहले आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिनमें वह गिरफ्तार भी हो चुका है। एसपी ने बताया कि इस प्रकरण को ऑफिसर केस स्कीम में लेकर जल्दी जांच की कार्रवाई पूर्ण की जाएगी।
गांव कलाना में 22 मई की शाम फायरिंग की घटना हुई थी जिसमें दो जने घायल हो गए थे। इस संबंध में रतन सिंह ने भादरा पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि उसका भतीजा मनीष सिंह (22) पुत्र चरणसिंह सिंदडिया गांव में अपनी दुकान श्रीश्याम मोबाइल पर दोस्त संदीप कुमार (17) पुत्र रामावतार सिंदडिया के साथ बैठा हुआ था। वहां विशाल पुत्र जयसिंह घाणक अपने साथियों के साथ बाइक पर पहुंचा और जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।
इसमें मनीष व संदीप गंभीर घायल हो गए। उनको पहले भादरा के राजकीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से हिसार रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान 23 मई को संदीप की मौत हो गई। मनीष का उपचार चल रहा है। वारदात की सूचना मिलने पर एसपी मीणा, एएसपी नोहर गीता चौधरी, एजीटीएफ प्रभारी करण सिंह आदि मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए एमओबी और एफएसएल टीम को भी बुलाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नोहर गीता चौधरी, वृत्ताधिकारी संजीव कटेवा भादरा और एजीटीएफ प्रभारी के निर्देशन में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी विशाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोबाइल दुकान की रैकी कर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस टीमों ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और हिमाचल प्रदेश में संभावित ठिकानों पर दबिश देकर षड्यंत्र और रैकी में शामिल प्रदीप, उत्तम, संजय, सुभाष, लालकृष्ण, रमजान, अनिल, सुरेंद्र और खेताराम को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी विशाल सहित अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।