संगरिया क्षेत्र के अमरपुराजालू गांव से दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां डिग्गी में डूबने से विवाहिता की मौत हो गई। महिला मानसिक रूप से बीमार चल रही थी, वहीं घर की माली हालत काफी कमजोर बताई जा रही है।
हनुमानगढ़। संगरिया क्षेत्र के अमरपुराजालू (खाट) गांव में मंगलवार को हृदयविदारक घटना ने शोक में डुबो दिया। वार्ड एक निवासी मंजू (32) पत्नी भवानीशंकर कस्वां की वाटरवर्क्स की डिग्गी में डूबने से मौत हो गई। इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया बल्कि दो छोटे बच्चों के सिर से हमेशा के लिए मां का साया छीन लिया।
थाना प्रभारी अमरसिंह ने बताया कि मंजू की शादी वर्ष 2017 में हुई थी और वह दो बच्चों की मां थी। जिनमें एक करीब सात वर्ष का और दूसरा करीब साढ़े तीन साल का है। मासूम बच्चों को शायद अभी समझ नहीं कि उनकी दुनिया का सबसे बड़ा सहारा अब उनके पास नहीं रहा।
मंजू पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रही थी और उसका इलाज भी चल रहा था। मंगलवार दोपहर वह अचानक घर से निकली और करीब में स्थित वाटरवर्क्स की डिग्गी में कूद गई। लोग कुछ समझ पाते तबतक महिला गहरे पानी में डूबने लगी।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। सूचना मिलते ही धन-धन श्री गुरु रामदास सेवा समिति के सेवादार, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन टीम के गोताखोर और पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद महिला को डिग्गी से बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
पूर्व सरपंच मनोज मूंड ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों व पीहर पक्ष को सूचना दे दी गई है। उनके आने पर पोस्टमार्टम सहित अन्य प्रक्रियाएं होंगी। घटना ने जहां परिवार को झकझोर कर रख दिया है। वहीं हर किसी की नम आंखें पीछे रहे दो मासूम बच्चों के भविष्य तथा अनिश्चितताओं को लेकर हैरान थीं।
पड़ोसियों ने बताया कि मृतका के सास-ससुर अस्वस्थ हैं। बीकानेर से कैंसर पीड़ित सास का उपचार चल रहा है। पति श्रीगंगानगर में एक किराना दुकान पर नौकरी करता है। क्षेत्र के लोगों ने मृतका के बच्चों के लिए सरकारी मदद की गुहार लगाई है, जिससे उनकी पढ़ाई और जीवन-यापन में मदद मिल सके।