हनुमानगढ़

राजस्थान में नए वित्तीय वर्ष में बनेंगी 5000 डिग्गियां, नई गाइड लाइन का इंतजार कर रहे अफसर

Rajasthan News : नए वित्तीय वर्ष में राजस्थान में 5000 डिग्गियां बनाने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। ये डिग्गियां खेतों में बनेंगी। इससे सिंचाई सुविधा में आसानी होगी। राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर व जैसलमेर जिले में डिग्गियां बनाने का लक्ष्य आवंटित कर चुकी है।

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Rajasthan 5000 Diggi Pond Built n New Financial Year Officers are Waiting for New Guidelines
राजस्थान में नए वित्तीय वर्ष में बनेंगी 5000 डिग्गियां

Rajasthan News : राजस्थान में नए वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 5000 डिग्गियां बनाने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। बजट घोषणा के बाद अधिकारी अब नई गाइड लाइन का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर व जैसलमेर जिले में डिग्गियां बनाने का लक्ष्य आवंटित कर चुकी है। अब कृषि विभाग के अधिकारी नई गाइड लाइन का इंतजार कर रहे हैं। अभी आवेदन की प्रक्रिया निरंतर चल रही है। हजारों की संख्या में किसान डिग्गी के लिए आवेदन कर रहे हैं। वर्तमान में लॉटरी के आधार पर चयन कर डिग्गी निर्माण पर अनुदान दिया जा रहा है।

डिग्गी का रख-रखाव किसान की जिम्मेदारी

कुछ किसान संगठन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर योजना का लाभ दिलाने की मांग कर रहे हैं। इस तरह नई गाइड लाइन में सरकार किस फार्मूले को प्राथमिकता देगी, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। सरकार के नियमों के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से निर्मित डिग्गी के चारों तरफ दो फीट ऊंची दीवार आवश्यक रूप से बनानी होगी। डिग्गी निर्माण के बाद अनुदान जारी करने के उपरांत डिग्गी के रख-रखाव की जिम्मेदारी किसान की रहती है।

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डिग्गी निर्माण के बाद चेतावनी बोर्ड आवश्यक

डिग्गी निर्माण के बाद इसके आसपास में चेतावनी बोर्ड भी लगाने को लेकर निर्देशित किया गया है। ताकि आसपास में कोई नहीं जा सके। वर्तमान में डिग्गी निर्माण के बाद नियमानुसार सामान्य वर्ग के किसानों को अधिकतम तीन लाख तथा लघु सीमांत वर्ग के किसानों को अधिकतम तीन लाख 40 हजार रुपए के हिसाब से अनुदान दिया जा रहा है।

डिग्गी निर्माण के लिए चार लाख लीटर की बाध्यता तय

नियमानुसार डिग्गी निर्माण के लिए चार लाख लीटर की बाध्यता निर्धारित है। राज्य के नहरी क्षेत्र जहां सिंचाई बारी स्वीकृत है, वहीं के किसान अनुदान के पात्र हैं। आवेदनकर्ता के पास न्यूनतम 0.5 हैक्टैयर यानी आधा हैक्टैयर सिंचित क्षेत्र होना जरूरी है। इससे कम भूमि वाले किसान आवेदन के लिए पात्र नहीं माने जाते हैं।

प्रदेश का लक्ष्य निर्धारित - सहायक निदेशक, कृषि

सहायक निदेशक, कृषि विभाग हनुमानगढ़ बीआर बाकोलिया ने बताया कि प्रदेश में 5000 डिग्गियां बनाने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। बजट घोषणा में सरकार ने इसका ऐलान कर दिया है। नई गाइड लाइन आने के बाद ही डिग्गियों की स्वीकृति जारी हो सकेगी।

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Published on:
14 Jul 2024 02:06 pm