हनुमानगढ़

Rajasthan Government : राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, नहरी महकमे से खत्म होंगे प्रारूपकारों के पद

Rajasthan Government Decision : राजस्थान में नहरी महकमे से प्रारूपकारों के पद खत्म होंगे। यानि की नक्शे से गायब हो जाएंगे 'नक्शा बनाने वाले कार्मिक'। जल संसाधन विभाग के सहायक शासन सचिव की ओर से इस संबंध में इसकी विस्तृत जानकारी वित्त विभाग को भेजी गई है। माना जा रहा है कि इस पर सहमति भी मिल चुकी है।
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फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Government Decision : नहरी महकमे में प्रारूपकारों के पद समाप्त करने तथा संवर्ग के पुनर्गठन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है। जल संसाधन विभाग के सहायक शासन सचिव की ओर से इस संबंध में सरकार को भेजे गए पत्र में प्रारूपकार संवर्ग के स्वीकृत कुल 204 पदों के पुनर्गठन का उल्लेख किया गया है। इसकी विस्तृत जानकारी वित्त विभाग को भेजी गई है और बजट मदवार स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। माना जा रहा है कि इस पर सहमति भी मिल चुकी है।

प्रारूपकार और ड्राफ्टमैन पद लगभग समाप्त!

आदेश के अनुसार नई कैडर स्ट्रेंथ को सात दिवस में आईएफएमएस पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। पुनर्गठन के तहत 52 वरिष्ठ प्रारूपकार तथा 39 फेरोमैन के पद समाप्त किए जाएंगे। ऐसे में आने वाले समय में नहरों के नक्शे तैयार करने वाले प्रारूपकार और ड्राफ्टमैन पद लगभग समाप्त हो जाएंगे।

प्रारूपकारों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती थी

गौरतलब है कि प्रदेश में करीब पांच दशक पहले जब नहरों का जाल बिछाया जा रहा था, तब बड़ी संख्या में नक्शे हाथ से तैयार किए जाते थे। मुख्य अभियंता या विशेषज्ञ मास्टर प्लान बनाकर नक्शों को अंतिम रूप देते थे, जबकि खंड स्तरीय कार्यालयों में प्रारूपकार, ड्राफ्टमैन और फेरोमैन हाथ से डाइंग तैयार करते थे। ये नक्शे फील्ड में कार्यरत अभियंताओं को उपलब्ध करवाए जाते थे। उस दौर में प्रारूपकारों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती थी।

AI ने घटाई नक्शानवीसों की अहमियत

तकनीक के विकास और डिजिटल प्रणाली के विस्तार के साथ अब नक्शे कंप्यूटर और आधुनिक सॉफ्टवेयर से तैयार हो रहे हैं। सरकार द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को प्रोत्साहन दिए जाने के बीच पारंपरिक पदों की आवश्यकता कम होती जा रही है। जल संसाधन विभाग में प्रारूपकार संवर्ग के 204 पदों के पुनर्गठन को लेकर पत्र प्राप्त हुआ है। आगे की स्थिति उच्च स्तर से स्पष्ट होगी।
वीरेंद्र मीणा, एक्सईएन, जल संसाधन विभाग, हनुमानगढ़

Updated on:
18 Feb 2026 08:38 am
Published on:
18 Feb 2026 08:38 am