हनुमानगढ़ के डबलीराठान निवासी हरदीप सिंह पाकिस्तानी युवती राबिया के हनीट्रैप में फंसकर साइबर ठगी गिरोह का मोहरा बन गया। पुलिस के अनुसार, उसने USDT के जरिए 3.26 करोड़ रुपए पाकिस्तान भेजे। इसके लिए उसने फर्जी स्कीम्स और किराए के खातों से लोगों को ठगा।
Rajasthan News: हनुमानगढ़ जिले में डबलीराठान गांव का रहने वाला हरदीप सिंह, पाकिस्तान की राबिया के प्यार में इस कदर पागल हुआ कि उसने न केवल अपना भविष्य बर्बाद किया, बल्कि देश के साथ भी गद्दारी कर बैठा।
बता दें कि जहां सीमा हैदर प्यार के लिए भारत आई, वहीं हरदीप ने अपनी पाकिस्तानी प्रेमिका के लिए भारत के लोगों से ही 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर डाली।
पुलिस की जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। यह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है। करीब 2 साल पहले हरदीप के पास एक पाकिस्तानी नंबर से कॉल आया था। हरदीप को पता था कि यह फ्रॉड कॉल है, फिर भी वह उनसे बात करता रहा और धीरे-धीरे राबिया के जाल में फंस गया।
राबिया ने हरदीप को लालच दिया कि वह भारत में पैसे इकट्ठा करे। हरदीप को कुल ठगी की रकम का 15 प्रतिशत मिलता था, जबकि बाकी 85 प्रतिशत वह पाकिस्तान भेज देता था। पकड़े जाने के डर से हरदीप यह पैसा सीधे बैंक से नहीं, बल्कि USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के जरिए पाकिस्तान पहुंचाता था। अब तक वह करीब 3.26 करोड़ रुपए पार कर चुका है।
हरदीप अपनी प्रेमिका राबिया से मिलने के लिए इतना बेताब था कि उसने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान जाने का वीजा भी अप्लाई किया था। वह भारत छोड़कर पाकिस्तान बसने की फिराक में था। लेकिन सुरक्षा कारणों और कागजी कार्रवाई की वजह से उसका वीजा पूरा नहीं हो सका।
पाकिस्तानी साइबर अपराधियों ने भारत के लोगों को लूटने के लिए हरदीप का इस्तेमाल एक 'मोहरे' की तरह किया। हरदीप ने अपने भारतीय व्हाट्सएप नंबरों के OTP पाकिस्तान भेजे, जिससे राबिया और उसका परिवार वहां बैठकर भारतीय नंबरों से व्हाट्सएप चला रहे थे। इससे लोगों को लगता था कि कॉल भारत से ही आ रही है।
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 'हर्ष साई फाउंडेशन' जैसे फर्जी एनजीओ और सस्ते सामान के विज्ञापन दिखाकर लोगों को फंसाया जाता था। हरदीप गांव के भोले-भाले मजदूरों को झांसा देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेता था, ताकि पुलिस उस तक न पहुंच सके।
पुलिस ने जब हरदीप को गिरफ्तार किया, तो उसके पास से एक मिनी 'साइबर कंट्रोल रूम' बरामद हुआ। 26 बैंक पासबुक और 18 एटीएम कार्ड, 08 सिम कार्ड और 03 मोबाइल फोन और पाकिस्तान से संबंधित कई संदिग्ध दस्तावेज। हरदीप के खिलाफ देश के 14 राज्यों में 36 शिकायतें दर्ज हैं।