अब सरकारी तंत्र फिर चुनावी मोड में जाने की तैयारी में है। पूरे देश में सबसे पहले पंचायतीराज को लागू करने वाले हमारे प्रदेश में फरवरी 2020 के अंत में पंचायतीराज के चुनाव करवाने की कवायद तेज कर दी गई है।
हनुमानगढ़। अब सरकारी तंत्र फिर चुनावी मोड में जाने की तैयारी में है। पूरे देश में सबसे पहले पंचायतीराज को लागू करने वाले हमारे प्रदेश में फरवरी 2020 के अंत में पंचायतीराज के चुनाव करवाने की कवायद तेज कर दी गई है। चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरे सरकारी तंत्र को सतर्क कर दिया है।
इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत कार्य योजना भेजकर चुनावी तैयारी में जुट जाने को लेकर निर्देशित किया गया है। राज्य में जनवरी-फरवरी 2020 में चुनाव करवाने की तैयारी है। इसके तहत जिला स्तर पर जल्द ही मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने सहित अन्य कार्यों को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी जाएगी।
निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए तय समय से अधिक एक ही जिले में पदस्थापित अफसरों को इधर-उधर करने को लेकर भी राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान ने हाल ही में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को अगवत करवाया है। निर्वाचन आयोग ने 15 फरवरी 2020 को कट ऑफ डेट मानते हुए गत चार वर्षों में संबंधित जिलों में पदस्थापित अफसरों को इधर-उधर करने को लेकर निर्देशित किया है।
विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद राजनीतिक दल पहले ही पंचायत चुनाव व निकाय चुनावों की तैयारियों में जुट चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव काफी अहम होते हैं। पंचायत चुनावों को लेकर सरकारी मशीनरी में हलचल होने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं की भी सक्रियता और बढ़ने वाली है।