गंगा स्नान के बहाने मां को ब्रजघाट छोड़ गया कलयुगी बेटा! पूरी रात भूखी-प्यासी राह तकती रही 70 साल की बुजुर्ग, फिर जो हुआ... दिल पसीज जाएगा।
ब्रजघाट में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर गंगा स्नान कराने के बहाने एक बेटा अपनी बुजुर्ग मां को घाट पर छोड़कर चला गया। 70 वर्षीय महिला पूरी रात बेटे के लौटने का इंतजार करती रही। भूखी-प्यासी वृद्धा कभी घाट की ओर देखती तो कभी भीड़ में अपने बेटे को तलाशती रही, लेकिन वह वापस नहीं आया।
सोमवार दोपहर घाट पर मौजूद तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों की नजर एक बुजुर्ग महिला पर पड़ी, जो तख्त पर बैठी रो रही थीं। लोगों ने पास जाकर उनसे बातचीत की तो उनकी दर्दभरी कहानी सामने आई। महिला ने अपना नाम भगवती बताया और कहा कि वह दिल्ली के गाजीपुर इलाके की रहने वाली हैं। उनके पति की काफी पहले मौत हो चुकी है।
भगवती ने बताया कि वह रविवार शाम अपने बेटे के साथ गंगा स्नान के लिए ब्रजघाट आई थीं। देर शाम बेटा उन्हें घाट किनारे बैठाकर यह कहकर चला गया कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा। महिला को उम्मीद थी कि बेटा वापस आएगा, इसलिए वह घंटों वहीं बैठी उसका इंतजार करती रहीं।
रात बढ़ने के साथ घाट पर भीड़ कम होने लगी तो बुजुर्ग महिला घबरा गईं। उन्होंने आसपास के लोगों से बेटे के बारे में पूछा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। चलने-फिरने में दिक्कत होने के कारण वह ज्यादा दूर भी नहीं जा सकीं। पूरी रात उन्होंने घाट और आसपास बेटे को तलाशने की कोशिश की।
महिला के पास करीब 700 रुपये भी थे, लेकिन वह कुछ खरीदकर खा नहीं सकीं। उनका ध्यान सिर्फ बेटे के लौटने पर लगा रहा। भूख और प्यास से बेहाल महिला सोमवार तक घाट पर बैठी रोती रहीं।
स्थानीय लोगों ने जब उन्हें लगातार रोते देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची ब्रजघाट पुलिस ने महिला से पूछताछ की। हालांकि वह अपने परिवार के बारे में ज्यादा स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महिला को फिलहाल गंगानगरी स्थित वृद्धाश्रम भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। स्तुति सिंह ने बताया कि वृद्धा के परिजनों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
घटना के बाद घाट पर मौजूद लोग भी भावुक नजर आए। कई लोगों ने इस घटना को कलयुग की तस्वीर बताते हुए कहा कि जिस मां ने बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी मां को इस तरह अकेला छोड़ देना बेहद दुखद है।