
CM Mohan Yadav Suspends Harda Officer: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को हरदा दौरे पर पहुंचे। यहां सीएम विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए और जिला स्तरीय समीक्षा बैठक भी ली। सीएम मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन में जनसमस्याओं के निराकरण की समीक्षा करते हुए पांच आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और शिकायत मिलने पर आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।
सीएम मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन में जनसमस्याओं के निराकरण की समीक्षा करते हुए पांच आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए तथा अधिकारी जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर पहुंचकर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें। शासन और प्रशासन जनता की सेवा के लिए हैं, इसलिए नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समाधान ऑनलाइन के दौरान कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में अनावश्यक विलंब और शिकायत के निराकरण में लापरवाही बरतने पर सीएम ने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समाधान ऑनलाइन के दौरान सामने आया कि रसोई कार्य करने वाले महिला कर्मचारी का मानदेय दस माह से अधिक समय से लंबित था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित शिकायत के लंबित रहने का कारण पूछा। इस पर जिला संयोजक प्रमोद माथुर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अर्थदंड अधिरोपित करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम-हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण तय समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। शिकायतों की जांच और उनके निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी कर्मचारी का वेतन भुगतान लंबित नहीं रहे। नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।