
MLA RK Dogne मध्यप्रदेश में किसानों की माली हालत खराब है। वे कर्ज के बोझ में दबे हुए हैं। फसल खरीदी और खाद वितरण में अनेक दिक्कतें हैं जिन्हें दूर करने की मांग के समर्थन में कई जिलों के हजारों किसान भोपाल में डेरा डाले बैठे हैं। ऐसी गहमागहमी में हरदा के विधायक डॉ. आरके दोगने ने किसानों के हित में बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अपने वेतन की ज्यादातर राशि किसानों के कल्याण के लिए देने की घोषणा की है। इधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने भी किसानों के हित में कदम उठाया है। उन्होंने मूंग खरीदी को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि किसान, औने-पौने दामों पर मूंग बेच रहे हैं। यह उनके साथ अन्याय है।
प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों की बढ़ती समस्याओं के बीच हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर किसानों की संपूर्ण मूंग फसल की खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल 25 प्रतिशत मूंग की खरीदी किए जाने से किसानों में भारी असंतोष है और यह समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है।
विधायक डॉ. दोगने ने कहा कि पहले किसान स्थानीय स्तर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन अब यह आंदोलन प्रदेश स्तर तक पहुंच चुका है। यदि समय रहते सरकार ने उचित निर्णय नहीं लिया तो किसानों की परेशानियां और अधिक बढ़ सकती हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि किसानों के हित में 100 प्रतिशत मूंग फसल की खरीदी सुनिश्चित करते हुए उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए।
हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव, किसान कल्याण विभाग मध्यप्रदेश शासन से मांग की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह किसानों के हित में अपने वेतन का 75 प्रतिशत हिस्सा किसान कल्याण कोष में देने के लिए तैयार हैं।
इसके साथ ही विधायक डॉ. दोगने ने प्रदेश के सभी विधायकों से भी किसानों की समस्याओं के समाधान और किसान कल्याण के लिए अपने वेतन का 75 प्रतिशत भाग किसान कल्याण कोष में दान करने की अपील की है। इससके किसानों को शीघ्र राहत प्रदान की जा सकेगी।
कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी मूंग खरीदी को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि मप्र देश का सबसे बड़ा मूंग उत्पादक राज्य है। केंद्र ने प्रदेश से 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का कोटा तय किया है। लेकिन 16 जुलाई तक तय कोटे की सिर्फ दो प्रतिशत मूंग खरीदी की गई है। इसके चलते किसान औने पौने दाम पर मूंग बेचने को मजबूर है। यह किसानों के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने किसानों को हो रही परेशानी को देखते हुए मूंग खरीदी की प्रक्रिया तेज करने की भी मांग की।