हरदा

दहेज के बदले ससुर ने की ऐसी डिमांड, बहू के मायके वाले रह गए हैरान, हर तरफ चर्चा

Unique Dowry Case: मध्य प्रदेश के हरदा जिले का मामला, किसान ससुर ने बहू के मायके वालों से दहेज के बदले कर दी ये कैसी डिमांड कि अब हर तरफ चर्चा का विषय बन रहा है ये अनोखा दहेज

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Feb 24, 2025
Unique Dowry Case in MP Shocking

Unique Dowry Case MP: एक साड़ी में बहू को घर लाने के किस्से तो बहुत सुने होंगे, लेकिन हरदा के किसान ने दहेज लौटाकर सिर्फ 5 पौधों के साथ बहू की विदाई कराई। ऐसा करने वाले ऐड़ाबेड़ा गांव के किसान मोहन सांई ने समाज में बढ़ते दहेजलोभियों के बीच एक मिसाल पेश की। उनके छोटे बेटे हेमंत का 21 फरवरी को विवाह पीपलघटा के बनवारीलाल की बेटी आयुषी के साथ हुआ। शादी की रस्में पूरी हुईं और लड़की के पिता ने दहेज में 2.50 लाख रुपए की पेशकश की। लेकिन लड़के के पिता ने दरियादिली दिखाते हुए दहेज लौटा दिया।

बेटे-बहू के हाथों लगवाया पौधा

दहेज लौटाने की बात पर बहू का पीहर भौंचक था। वे इसे शादी में किसी बात पर नाराजगी मानते हुए दहेज स्वीकारने दूल्हे के पिता को मनाते रहे। इस पर परिवार का सम्मान रखते हुए कृषक मोहन ने खेजड़ी के पांच पौधों के साथ बहू की विदाई कराई। शनिवार को गृह प्रवेश हुआ और बेटे-बहू ने इन पौधों को अपने खेत में रोपित किया।

कलेजे का टुकड़ा दिया, अब कुछ नहीं चाहिए

दूल्हे के पिता मोहन सांई ने कहा, दहेज समाज की एक बुराई है। लड़की के पिता ने हमें अपने कलेजे का टुकड़ा दिया। इससे बड़ा दहेज और कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, दहेज ने कई घर तबाह किए। वे अपने बच्चों को इस कुप्रथा से दूर रखना चाहते हैं। विश्नोई समाज में खेजड़ी के पौधों की विशेष मान्यता है। ये वही पेड़ हैं, जिन्हें बचाने के लिए 1730 ई. में जोधपुर के खेजड़ी में मां अमृता देवी विश्नोई के साथ 363 महिला पुरुषों ने अपनी जान दे दी थी।


Published on:
24 Feb 2025 09:17 am
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