BJP MLA Shyam Prakash Controversial Statement : हरदोई की गोपामऊ सीट से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने विवादित बयान देते हुए कहा कि पत्थरों को पूजने के बजाय मोदी और योगी की पूजा करें, क्योंकि उनमें देने की क्षमता है।
हरदोई: भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम में ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है।
विधायक ने कहा, 'पत्थरों को पूजने से कुछ नहीं मिलेगा। अगर पूजा करनी ही है तो 'योगी और मोदी' की कीजिए। उनमें कुछ देने की क्षमता है। दलित नेता आपका कल्याण नहीं कर सकता। बड़े-बड़े नेता आपको बेवकूफ बनाकर अपनी कुर्सी हथियाने का काम करते हैं।'
हरदोई के गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश ने आगे कहा, 'मैं तो जिंदा लोगों को भगवान मानता हूं। भगवान मानना ही है तो योगी और मोदी को भगवान मानने में क्या हर्ज है? पत्थरों के आगे गिड़गिड़ाने से कुछ नहीं मिलेगा। उनमें देने की क्षमता नहीं है।'
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने 'हर घाट का पानी पीया है' और सभी पार्टियों में रह चुके हैं, लेकिन अब भाजपा में रहकर उन्हें अपने समाज का असली कल्याण नजर आ रहा है। उन्होंने आगे कहा 'जब हमें खुद अपनी स्थापना करनी ही है, तो क्यों न हम आज के भगवानों के साथ हो लें?'
जब विधायक श्याम प्रकाश से उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने थोड़ा संशोधन करते हुए कहा, 'यह मेरी व्यक्तिगत सोच है। मैं उन पत्थरों की बात कर रहा था जो बहुत से घरों में अनावश्यक रूप से कुलदेवता के रूप में जगह घेरे हुए हैं।'
श्याम प्रकाश उत्तर प्रदेश राजनीति के अनुभवी चेहरे हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू किया, फिर बसपा में शामिल हुए। 1996 में बसपा के टिकट पर अहिरोरी से पहली बार विधायक बने। 2004 में बसपा से ही उपचुनाव जीता। बाद में सपा में शामिल होकर 2012 में गोपामऊ से जीते। 2017 और 2022 में भाजपा के टिकट पर गोपामऊ सीट से लगातार जीत हासिल की। वर्तमान में वे गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं। उनके बेटे रवि प्रकाश गोपामऊ के टड़ियावां ब्लॉक प्रमुख हैं।
विधायक के इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना शुरू कर दी है। कई नेताओं ने इसे दलित समाज के प्रति अपमानजनक बताया है। वहीं भाजपा के कुछ स्थानीय नेता बयान को व्यक्तिगत राय बताकर बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं।