Hardoi Accident: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में शनिवार को ट्रैक्टर ट्राली गंगा में जा गिरी थी। घटना में 18 घंटे रेसक्यू ऑपरेशन के बाद 8 शवों को बरामद किया गया।
हरदोई के पाली गर्रा नदी में लापता लोगों की तलाश मे लखनऊ से आई एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी की फ्लड टीम व स्थानीय मछुआरों ने 18 घण्टे तक (शनिवार को दोपहर 2 से रात दो बजे तक, सुबह 5 से 11 बजे तक) रेस्क्यू अभियान चलाया। इसमें 8 लोगों के शवों को नदी से बाहर निकाला गया है। गांव आने के लिए ट्राली में लिफ्ट लेकर बैठने वाले पड़ोसी गांव के दो किसानों की भी जान चली गई। डीएम ने हादसे में मरने वालों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही है।
शनिवार को शाहाबाद-रूपापुर मार्ग पर थाना व कसबा पाली में गर्रा नदी के पुल की रेलिंग तोड़कर ट्रैक्टर ट्रॉली नदी में जा गिरी थी। इसमें निजामपुर पुलिया मंडी से खीरा बेंचकर बेगराजपुर गांव लौट रहे 22 लोग डूब गए थे। हादसे में 14 किसान खुद ही नदी में तैरकर बाहर निकलकर बच गए थे। बाकी डूबकर लापता हो गए। रेस्क्यू के दौरान रविवार सुबह पांच बजकर 50 मिनट के बाद पहला शव मुकेश का नदी पुल के निकट मिला। दूसरा शव करीब डेढ़ किमी केवलपुर गांव के निकट दूर नन्हेलाल उर्फ रामककृपाल का मिला। इसके बाद रिंकू, दरियापुर निवासी हरिशरण, अतर्जीपुरवा निवासी नारेंद्र का शव पुल के नीचे मिला। पुल के नीचे पांच शव मिले। वहीं नन्हें उर्फ रामकृपाल, नरेंद्र उर्फ मझिल व अमित का शव डेढ़ किमी दूर केवलपुर गांव के पास मिले।
इन आठ किसानों ने गंवाई हादसे में जान
1. ट्रैक्टर चालक मुकेश सक्सेना उम्र करीब 28 वर्ष हाल निवासी बेगराजपुर मूल निवासी सवायजपुर थाना लोनार
2. अमित राजपूत उम्र 22 वर्ष निवासी बेगराजपुर
3.मुकेश राजपूत उम्र 30 वर्ष निवासी बेगराजपुर
4.मंझले राजपूत उर्फ नरेन्द्र उम्र 22 वर्ष निवासी बेगराजपुर
5. रिंकू राजपूत उम्र 30 वर्ष निवासी बेगराजपुर
6.राम कृपाल राजपूत उम्र 20 वर्ष निवासी बेगराजपुर
7.हरिशरण राठौर 45 वर्ष निवासी ग्राम दरियापुर थाना पाली
8. नरेन्द्र जाटव निवासी अतर्जीपुरवा थाना शाहाबाद।
डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि आठ शव बरामद किए गए हैं। रेस्क्यू बन्द कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर एक एनडीआरएफ की टीम को रोका गया है। हादसे में मरने वालों के परिजनों को 5 लाख की सहायता प्रदान कराई जाएगी।
रोते विलखते 24 घंटे बीत गए
पाली। बेगराजपुर गांव की सैकड़ों महिलाएं नदी के किनारे ही डटी रहीं। बीते करीब 24 घंटे से रुक-रुककर वे रो रही हैं। उनकी आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रात एक बजे के करीब पुलिस कर्मियों ने नदी किनारे बैठीं महिलाओं को समझाकर घर भेज दिया। सुबह चार बजे वे पुन: घटनास्थल पर पहुंचने लगीं। जैसे ही शव बाहर निकाले गए वैसे ही चीखपुकार मचने लगी।